
कोरबा। पृथ्वी पर जीवन के लिए प्राणवायु एक अनिवार्य घटक है, जिसका सृजन पेड़-पौधों पर निर्भर है। यही वजह है जो प्रकृति और पर्यावरण को सहेजकर रखने का दायित्व भी मानव का ही है। यही ध्येय रखते हुए मंगलवार को कमला नेहरू महाविद्यालय की ओर से एक पहल की गई। महाविद्यालय परिसर में न केवल साफ-सफाई की गई, बल्कि श्रमदान के बाद गमलों में नए पौधे रोपित कर कर्मचारियों उसकी देखभाल व सुरक्षा का संकल्प भी लिया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ प्रशांत बोपापुरकर के मार्गदर्शन में यह पहल की गई। इस संबंध में डाॅ प्रशांत बोपापुरकर ने कहा कि प्रकृति और पेड़-पौधों के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। ऐसे में भावी पीढ़ी के लिए शुद्ध हवा और स्वच्छ पर्यावरण की जुगत सुनिश्चित करने हरियाली को सहेजकर रखना लाजमी है। यह नैतिक जवाबदारी हम सबकी है, जिसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करते रहना होगा। महाविद्यालय परिवार की ओर से छात्र-छात्राओं और आज की युवा पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से रुबरु कराते हुए यही संदेश दिया गया, ताकि वे भी सहभागी बनने प्रोत्साहित हो सकें। इस अवसर पर प्रमुख रुप से भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष ब्रिजेश तिवारी, वाणिज्य विभाग के सहायक प्राध्यापक एके सोनी, फाॅरेस्ट्री के विभागाध्यक्ष डाॅ सुनील तिवारी, प्राणीशास्त्र के सहायक प्राध्यापक वेदव्रत उपाध्याय, कंप्यूटर साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष अनिल राठौर, सहायक प्राध्यापक आशुतोष शर्मा, कंप्यूटर आॅपरेटर दुर्गाशंकर पटेल, चतुर्थवर्गीय कर्मियों ने मनोज श्रीवास, हेमंत रजक, जियालाल, दिलीप, लखन साहू समेत अन्य ने श्रमदान कर सहयोग प्रदान किया।