जिले की अग्रणी उच्च शिक्षण संस्था इंजीनियर विश्वेसरैया शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (EVPG) में दीक्षारम्भ कार्यक्रम आयोजित, प्राचार्य डॉ. एल.एन. कंवर ने किया नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत, नवप्रवेशित विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति की बारीकियों से कराया गया परिचय।
कोरबा। शासकीय ई.वी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोरबा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्रियान्वयन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आज *बी.कॉम. एवं बी.एससी. (बायो) प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारम्भ कार्यक्रम* का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों एवं सुविधाओं के साथ-साथ *राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न प्रावधानों से परिचित कराना* तथा महाविद्यालयीन जीवन के लिए उन्हें तैयार करना था।
कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एल.एन. कंवर ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से महाविद्यालय में उपलब्ध पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, डिजिटल संसाधनों, खेल एवं अन्य शैक्षणिक सुविधाओं* का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयीन जीवन विद्यार्थी के व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण चरण है, इसलिए विद्यार्थियों को अनुशासन, सकारात्मक सोच एवं जिम्मेदारी के साथ अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत करनी चाहिए।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों को रैगिंग जैसी अनैतिक एवं अनुशासनहीन गतिविधियों से पूर्णतः दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना संस्था की प्राथमिकता है। विद्यार्थियों से उन्होंने आपसी सहयोग, सौहार्द एवं अनुशासन की भावना के साथ महाविद्यालयीन जीवन व्यतीत करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्रियान्वयन प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप शुक्ला ने विद्यार्थियों को *राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन एवं उच्च शिक्षा में आए महत्वपूर्ण परिवर्तनों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान की क्षमता तथा रोजगारपरक दक्षताओं का विकास करना है।
डॉ. शुक्ला ने विशेष रूप से विद्यार्थियों को *क्रेडिट सिस्टम* की जानकारी देते हुए बताया कि उच्च शिक्षा में प्रत्येक पाठ्यक्रम एवं शैक्षणिक गतिविधि को निर्धारित क्रेडिट से जोड़ा गया है। विद्यार्थियों को अपने पाठ्यक्रम के साथ-साथ विभिन्न अकादमिक गतिविधियों में सहभागिता के माध्यम से क्रेडिट अर्जित करने की व्यवस्था को समझाया गया।
इसी क्रम में उन्होंने *प्रमोशन सिस्टम एवं परीक्षा/मूल्यांकन प्रणाली* के संबंध में भी विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों को यह बताया गया कि नई व्यवस्था में केवल वार्षिक परीक्षा के परिणाम पर निर्भर रहने के बजाय सीखने की प्रक्रिया एवं विभिन्न प्रकार के मूल्यांकन को भी महत्व दिया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की संरचना, विषय चयन, अकादमिक गतिविधियों एवं उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।
डॉ. शुक्ला ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों को *बहुविषयक अध्ययन, कौशल विकास एवं अपनी रुचि के अनुरूप सीखने के अधिक अवसर* प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि पुस्तकालय, ई-संसाधनों, सेमिनार, कार्यशालाओं, विभिन्न क्लबों एवं अन्य उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का लाभ उठाकर अपने ज्ञान एवं व्यक्तित्व का विस्तार करें।
कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, क्रेडिट, परीक्षा एवं मूल्यांकन व्यवस्था तथा महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। *डॉ. संदीप शुक्ला ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का समाधान करते हुए उन्हें नई शिक्षा नीति की व्यवस्था को समझने तथा उसके अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।*
उन्होंने विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया कि महाविद्यालय में प्रवेश केवल उच्च शिक्षा प्राप्त करने की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह उनके *व्यक्तित्व निर्माण, कौशल विकास और भविष्य के कैरियर की नींव रखने का अवसर* है। विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन, समय प्रबंधन तथा महाविद्यालयीन गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया।
दीक्षारम्भ कार्यक्रम में *डॉ. बी.एल. साय, डॉ. बी.एस. राव, डॉ. एस.के. गोभिल, डॉ. नायडू, श्री आर.के. मौर्य एवं श्रीमती कल्पना कंवर* सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बी.कॉम. एवं बी.एससी. (बायो) प्रथम सेमेस्टर के बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त हुई, बल्कि *राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बदलती उच्च शिक्षा व्यवस्था को समझने का अवसर भी मिला।*
बीसीए, बीए और बीएससी गणित के छात्रो के लिए दीक्षारम्भ कार्यक्रम दिनांक 11 अगस्त को आयोजित होगा।