कोरबा। ऊर्जानगरी कोरबा में फिजियोथेरैपिस्ट्स का “1st PhysioMeet” सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. विवेक अरोरा (PT) द्वारा डॉ. हर्षित गोयनका (स्पाइन सर्जन) के साथ किया गया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में डॉ. प्रशांत (अध्यक्ष, CG-IAP), डॉ. उमेश भुवाने (अध्यक्ष, बिलासपुर-IAP) तथा डॉ. आयुष अरोरा (जॉइंट एवं स्पोर्ट्स इंजरी सर्जन) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक का प्रमुख उद्देश्य कोरबा में अयोग्य/अनधिकृत (क्वैक) प्रैक्टिस को नियंत्रित करना और जनता तक प्रमाणिक, डिग्री-होल्डर फिजियोथेरैपिस्ट्स की सही पहचान पहुँचाना रहा। चर्चा में सर्वसम्मति से यह बात सामने आई कि क्वैकरी के कारण मरीजों का उपचार देर से शुरू होता है, गलत तरीकों से स्थिति बिगड़ सकती है, और फिजियोथैरेपी पेशे की विश्वसनीयता प्रभावित होती है—इसलिए संगठित और एसोसिएशन-आधारित कदम अब आवश्यक हो गए हैं।
इस संदर्भ में डॉ. विवेक अरोरा ने IAP जैसे राष्ट्रीय मंच के माध्यम से एकजुटता की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. प्रशांत ने IAP की भूमिका, अब तक किए गए कार्य, वर्तमान पहलों और भविष्य की दिशा पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन देते हुए IAP Korba Chapter की आवश्यकता स्पष्ट की। डॉ. उमेश भुवाने ने बिलासपुर का अनुभव साझा कर बताया कि मजबूत IAP संरचना से प्रोफेशनल सुरक्षा, मानकीकरण और सेवा-गुणवत्ता को मजबूती मिलती है।
बैठक में आगे की कार्ययोजना के रूप में जन-जागरूकता अभियान (प्रिंट व सोशल मीडिया), पीरियॉडिक अवेयरनेस/मेडिकल कैंप्स, तथा नियमित द्विमासिक बैठकों के माध्यम से निरंतर कार्रवाई पर सहमति बनी। कार्यक्रम का समापन डॉ. अभिषेक तिवारी द्वारा वोट ऑफ थैंक्स के साथ हुआ।
यह PhysioMeet कोरबा में क्वैकरी के खिलाफ सामूहिक कदम, और जनता को सुरक्षित, प्रमाणिक व परिणाम-उन्मुख फिजियोथैरेपी उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत रहा।