गड्ढे में गिरा कलभ, चिंघाड़ से गूंज रहा था जंगल, फॉरेस्ट की टीम ने 9 घंटे की मशक्कत से निकाल मां तक पहुंचाया


जंगल से हाथी के चिंघाड़ने की आवाजें आ रही हैं। वन विभाग की टीम ने अंदाजा लगाया कि कोई हाथी संकट में हो सकता है। जब टीम मौके पर पहुंची तो पाया कि हाथी का एक बच्चा बीच गड्डे में फंसा हुआ है। उसे लगभग 9 घंटे के प्रयासों से टीम ने सावधानीपूर्वक शावक को बाहर निकाल लिया।


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रायगढ़। जिले के धर्मजयगढ़ वन मंडल के ज़माबीरा बीट, रेंज बाकारूमा में एक भावुक करने वाली घटना सामने आई। चट्टानों के बीच से बहते नाला में फंसे हाथी के बच्चे (कलभ) को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसकी मां से भी मिलाया गया। इस दौरान कुछ आंखें भी छलक आईं। इस पूरे अभियान में वन विभाग की टीम को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने अथक प्रयासों से यह सफलता प्राप्त की।

वन विभाग को सूचना मिली थी कि जंगल से हाथी के चिंघाड़ने की आवाजें आ रही हैं, जिससे अंदाजा लगाया गया कि कोई हाथी संकट में हो सकता है। जब टीम मौके पर पहुंची तो पाया कि हाथी का एक बच्चा बीच गड्डे में फंसा हुआ है। लगभग 9 घंटे के प्रयासों से टीम ने सावधानीपूर्वक उसे को बाहर निकाल लिया।

बच्चे को बचाने के बाद सबसे बड़ी चुनौती उसे उसकी मां से मिलाना था। कई बार हाथी अपने बच्चों को अस्वीकार कर देते हैं या फिर कलभ रेस्क्यू टीम के साथ ही बना रहता है। टीम ने पास में विचरण कर रहे हाथियों के झुंड का लोकेशन ट्रैक कर मां तक पहुँचाने का प्रयास किया और अंततः बच्चे को उसकी मां ने स्वीकार कर लिया। वन मंडल अधिकारी, उप-मंडलाधिकारी, रेंज ऑफिसर, डिप्टी रेंजर, बीट गार्ड, हाथी मित्र दल, चौकीदार और एलीफेंट ट्रैकर सहित कुल 25 सदस्यों की टीम के सफल अभियान की सराहना हो रही है।



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