कलम बंद, काम बंद कर हड़ताल पर गए सब बड़े बाबू, 11 सूत्रीय मांग लेकर तानसेन चौक में धरने पर बैठे, टेबल कुर्सियां खाली


कोरबा। शासन के समक्ष लंबित अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आज जिलेभर के लिपिक एक दिवसीय हड़ताल पर हैं। लिपिक जिला मुख्यालय में तानसेन चौक में धरने पर बैठे हैं। इसके चलते जिले के लगभग सभी सरकारी दफ्तरों के लिपिक के टेबल खाली दिखाई दिए। कामकाज पर भी असर पड़ता दिखा। लिपिक वर्गीय कर्मचारियों ने कहा है कि जब तक उनकी जायज मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका क्रमिक आंदोलन जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) ने 22 अगस्त 2025 को कलम बंद, काम बंद हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की थी। यह हड़ताल छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर की जा रही है।

संघ के जिला पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि हड़ताल के समर्थन में जिले के सभी लिपिक वर्गीय कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल पर हैं और तानसेन चौक में धरने पर बैठे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है और प्रदेशभर में लिपिक कर्मचारी इस आंदोलन का हिस्सा बन रहे हैं।

कर्मचारी संघ ने बताया कि फेडरेशन के आह्वान पर की जा रही इस हड़ताल का उद्देश्य कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों के निराकरण के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। लिपिक वर्गीय कर्मचारियों ने कहा है कि जब तक उनकी जायज मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इस सामूहिक अवकाश के चलते शुक्रवार 22 अगस्त को जिले के विभिन्न शासकीय कार्यालयों में कार्यालयीन कार्य प्रभावित रहे।


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