कोरबा। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मां भवानी मंदिर परिसर में 22 सितंबर से 30 सितंबर 2025 तक श्री राम कथा महोत्सव का भव्य आयोजन होने जा रहा है। साथ ही मानस मंदिर का भव्य लोकार्पण पद्म विभूषण श्री तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानंदाचार्य पूज्य श्री रामभद्राचार्य जी महाराज के करकमलों से होगा।
मानस मंदिर का निर्माण पूज्य माताजी ज्योति पांडे, चंद्रकिशोर पांडेय, पुत्र मोहन के संकल्प से पूरा हो पाया है। यह मंदिर माता कौशल्या के गोद में बैठे प्रभु श्री राम की अद्भुत छवि है।
इस मंदिर के दीवारों में रामचरित मानस के श्लोक और चौपाइयां उकेरी गई है, जो गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित है और यह मंदिर भारत का पहला मंदिर होगा।
यह मंदिर आध्यात्मिक शांति और भक्ति के लिए महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल होगा, जो आगंतुकों को रामायण की आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ेगा यह एक आस्था का केंद्र होगा।
संकल्प वर्ष : लगभग 14 वर्ष पूर्व सन 2009-2010
प्रेरणा स्रोत : स्व. गोपाल प्रसाद द्विवेदी जी
निर्माण : मंदिर की कलाकृति महाराष्ट्र के नांदेड़, दिल्ली, कोलकाता के कारीगरों द्वारा किया गया है।
पूर्णाहुति एवं भंडारा : 1 अक्टूबर 2025
कार्यक्रम के दौरान- अखंड राम नाम संकीर्तन मानस यज्ञ एवं सतचंडी पाठ का आयोजन होना है।
मंदिर का विवरण : –
स्थान व महत्व : यह मंदिर दर्री बांध के हसदेव तट पर स्थित है, यह भारत का पहला मंदिर होगा।
आध्यात्मिक केंद्र : माता कौशल्या के गोद में प्रभु श्री राम जी की छवि है, इसके साथ ही गोस्वामी तुलसीदास जी और श्री रामानंदाचार्य जी की विग्रह है।
अश्वनी महीना : अश्वनी महीने के शारदीय नवरात्रि में मंदिर का लोकार्पण होगा साथ ही मां भवानी मंदिर के प्रांगण में अखंड ज्योति आकर्षण का केंद्र है।
मंदिर परिसर में भव्य गौशाला निर्मित है।
भक्ति और चिंतन : भक्त, भगवान श्री राम के आदर्शों का सम्मान करते हैं और उनके दिखाए हुए मार्ग पर चलने का प्रयास करते हैं।