पितृमोक्षार्थ गयाश्राद्धांतर्गत मातनहेलिया परिवार द्वारा जश्न रिसोर्ट कोरबा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने जाना मानवीय गुणों का रहस्य।
कोरबा। पितृमोक्षार्थ गयाश्राद्धांतर्गत मातनहेलिया परिवार द्वारा जश्न रिसोर्ट कोरबा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक पंडित विजय शंकर मेहता ने भगवान और भक्त के बीच जड़भरत का प्रहसन सुनाते हुए कहा कि यदि आपको भगवान से भक्ति करनी है तो वात्सल्य के साथ करिए। उन्होंने वात्सल्य को प्रेम से भी बड़ा बताते हुए कहा कि भगवत गीता में भगवान वात्सल्य शब्द आता है। भगवान भक्तों से वात्सल्य रखते हैं, ठीक उसी तरह जिस तरह मां अपने बच्चों से प्रेम नहीं बल्कि वात्सल्य रखते हैं। मां और बच्चों के बीच जो प्रेम होता है, उसे वात्सल्य कहते हैं।
धन की शुद्धि होती है दान से
पंडित श्री मेहता ने कहा कि जिस तरह से तन की शुद्धि स्नान से, मन की शुद्धि ध्यान से होती है, उसी तरह धन की शुद्धि दान से होती है। उन्होंने कहा कि अपनी आय का 10 प्रतिशत लाभांश दान में दें और रोज कुछ न कुछ अच्छा करिए। मैं यह नहीं कहता कि दान सिर्फ ब्राह्मणों को दें। गरीब कन्याओं, दिव्यांग कन्याओं के विवाह, गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए, अस्पताल, स्कूल निर्माण के दान में दें। अच्छा कर्म करने से व्यक्तित्व में निखार आता है।
जड़भरत की तरह अपने मन के भोलापन को निखारें
जड़भरत की कथा सुनाते हुए पंडित विजय शंकर मेहता ने कहा कि जड़भरत भारत के वे महान व्यक्ति हैं, जिन्होंने अपनी पूरी फसल गायों को चरा दी थी और स्वयं मंदिर के पास बैठकर परिवार का पालन किया। उन्होंने कहा कि अपने मन के भोलेपन को दूसरों की भलाई में लगाईये। जो महान व्यक्ति पर अपराध करता है, उलट स्वयं के ऊपर आता है। मैं तो कहता हूं कि बुरे आदमी पर भी आप बुरा मत सोचिए।
उम्मीद परेशान करता है
पंडित विजय शंकर मेहता ने कहा कि आप दूसरों के लिए अच्छा करते हैं, अच्छी बात है, लेकिन दूसरों से उम्मीद मत रखिए। उम्मीद परेशान करता है। उन्होंने जीवन में खुश रहने के उपाय भी बताए, कहा-ईश्वर के प्रति भरोसा मजबूत रखें, दूसरों के लिए मददगार बनें, शांत रहना सीखें, अहंकार रहित बनें, अपेक्षा रहित बने। जब ये सब गुण आ जाएंगे, तो यकीन मानिए, आपका परिवार भी खुशहाल बनेगा और परिवार बचा रहेगा।
सोने से पहले बच्चों का विचार सकारात्मक हों
उन्होंने कहा कि 21 साल से छोटे बच्चों की दिनचर्या पर अभिभावक नजर जरूर रखें। सोते समय यदि बच्चों के मन में अच्छे-अच्छे विचार आएंगे, तो नींद भी अच्छी आएगी और मस्तिष्क का विस्तार भी होगा। उन्होंने माताओं से अपील करते हुए कहा कि यदि आपका बच्चा सोता है तो हनुमान चालीसा का एक दोहा पढ़ते हुए सर पर हाथ फेर दें, तो 15 दिन में ही बदलाव दिखेगा। सोने से पूर्व बच्चों के मस्तिष्क में सकारात्मक विचार का आना जरूरी है।
यातायात के नियमों का पालन करें
कथा प्रारंभ से पूर्व यातायात प्रभारी निरीक्षक तेजकुमार यादव पंडित विजय शंकर मेहता से मिलने पहुंचे थे। कथा में पंडित श्री मेहता ने उपस्थित श्रोताओं से कहा कि मुझसे मिलने पुलिस अधिकारी पहुंचे थे और उनके निवेदन पर मैं यह अपील करता हूं कि छोटे बच्चों को गाड़ी चलाने से मना करें और वयस्क जब भी गाड़ी चलाएं, हेलमेट लगाएं, सीटबल्ट लगाएं और यातायात नियमों का पालन करें।
मंत्री और महापौर ने किया कथा का श्रवण
कथा के तीसरे दिन मंत्री लखनलाल देवांगन, महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता कथा श्रवण करने जश्न रिसोर्ट पहुंचे और कथावाचक की दिव्य वाणी से निकली भगवत कथा का श्रवण किया। मंत्री श्री देवांगन एवं महापौर श्रीमती राजपूत ने कथा समाप्ति के बाद पंडित विजय शंकर मेहता से आशीर्वाद लिया।
व्यास पीठ की आरती में शामिल हुईं सरोज पाण्डेय
भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय मातनहेलिया परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करने जश्न रिसोर्ट पहुंची और कथा श्रवण के बाद कथा वाचक पंडित विजय शंकर मेहता से आशीर्वाद लिया और व्यास पीठ की आरती में शामिल हुईं। कोरबा पहुंचने पर जिला भाजपा संगठन की ओर से भव्य स्वागत किया गया। जिला भाजपा अध्यक्ष गोपाल मोदी, महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह, हितानंद अग्रवाल, विकास अग्रवाल, नगर पंचायत पाली के पूर्व अध्यक्ष उमेश चंद्रा, पोड़ी मंडल अध्यक्ष विपीन कौशिक, लक्कीनंदा सहित अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया।
आज का प्रहसन
आज 27 अगस्त को कथा के चौथे दिन पंडित विजय शंकर मेहता लोगों को गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार, श्रीराम कथा का प्रसहन सुनाएंगे। आज कृष्ण जन्मोत्सव पर भव्य झांकी भी प्रदर्शित की जाएगी और उपस्थित श्रद्धालु कृष्ण जन्मोत्सव मनाएंगे।