Home छत्तीसगढ़ Korba: अक्षर ज्ञान की ऐसी ललक, पिता-पुत्री ही नहीं सास-बहू व ससुर...

Korba: अक्षर ज्ञान की ऐसी ललक, पिता-पुत्री ही नहीं सास-बहू व ससुर ने साथ बैठकर दिलाई “उल्लास” नवभारत नवसाक्षर परीक्षा

218
0
Oplus_16908288

कलेक्टर एवं अध्यक्ष, जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण कोरबा अजीत वसंत (IAS) के निर्देशन, DEO TP उपाध्याय के मार्गदर्शन में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता व संख्यात्मक ज्ञान परीक्षा सफलता पूर्वक आयोजित।


कोरबा। उल्लास” नवभारत साक्षरता कार्यकम अंतर्गत रविवार 7 दिसम्बर को कोरबा जिले के सभी शासकीय प्राथमिक शालाओं समेत कुल 648 केंद्रों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान परीक्षा आयोजित की गई। जिले के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष एवं वृद्धजन उत्साह के साथ इस परीक्षा में शामिल हुए। खास बात यह रही कि किसी केंद्र में पिता-पुत्री तो कहीं सास ससुर और उनकी बहू ने भी एक साथ बैठकर परीक्षा में स्वस्फूर्त भागीदारी दर्ज कराई।

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय स्कूल शिक्षा व साक्षरता विभाग तथा राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयीन शिक्षण संस्थान नई दिल्ली की पहल, कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत (IAS) के निर्देशन में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता व संख्यात्मक ज्ञान परीक्षा रविवार 7 दिसंबर को प्रातः 10 से शाम 5 बजे तक जिला के सभी शासकीय प्राथमिक शालाओं में आयोजित की गई। इस परीक्षा में हर आयु वर्ग से महिला एवं पुरुष शिक्षार्थियों ने सहभागिता दर्ज कराई। इनमें पाली विकासखंड के परीक्षा केंद्र प्राथमिक शाला जमनीपारा संकुल लिटियाखार में पाली विकासखंड के परीक्षा केंद्र प्राथमिक शाला जमनीपारा संकुल – लिटियाखार में प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक परिवार की सास-बहू और ससुर समेट तीनों ने एक साथ उल्लास परीक्षा दिलाई। इनमें बहू संतोषी बाई (38 वर्ष), सास बृंदा बाई (61 वर्ष ) एवं ससुर भैयाराम श्याम (66 वर्ष) शामिल हैं। इसी तरह विकासखंड करतला के परीक्षा केंद्र प्राथमिक शाला मदवानी में पिता पंचराम प्रजापति के साथ उनकी पुत्री आशा प्रजापति ने भी परीक्षा दी। विकासखंड पाली के प्राथमिक शाला नुनेरा में सास-बहू परीक्षा में बैठे, जिनमें सास विमला बाई व उनकी बहू शकुन (35 वर्ष) शामिल हैं।


सुबह 10 बजे से शाम 5 तक की परीक्षा में पढ़ना, लिखना और गणित में 50-50 अंक निर्धारित थे। कुल 150 अंकों की मूल्यांकन पद्धति के माध्यम से कौशल का आंकलन किया गया। सफल होने वालों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान एवं राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण का प्रमाण पत्र मिलेगा। परीक्षा के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर मॉनिटरिंग दल गठित किया गया था। जिला शिक्षा अधिकारी टीपी उपाध्याय के मार्गदर्शन में आयोजित परीक्षा को सफल बनाने डीएमसी, डाइट प्राचार्य, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, सीआरसी एवं संकुल शैक्षिक समन्वयकों ने सराहनीय भूमिका निभाई।  प्राथमिक शालाओं के प्रधान पाठक ही केंद्राध्यक्ष थे। डाइट के स्टूडेंट्स ने भी सहभागिता प्रदान की।


86 वर्ष की बुजुर्ग ने दिखाई अक्षर ज्ञान की ललक

इसी कड़ी में परीक्षा केंद्र पहुंची 86 वर्ष की बुजुर्ग महिला के उत्साह में अक्षर ज्ञान की ललक नजर आई। विकासखंड पाली के उड़ता संकुल अंतर्गत परीक्षा केंद्र प्राथमिक शाला छिंदपानी में 86 साल की अंजोरा बाई परीक्षा में शामिल हुईं और अपनी जागरूकता का परिचय दिया।


पुरुषों के मुकाबले महिला शक्ति की अधिक भागीदारी

साक्षरता मिशन प्राधिकरण कोरबा की जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती ज्योति शर्मा ने बताया कि राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता व संख्यात्मक ज्ञान परीक्षा में सचिवालय राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण छत्तीसगढ़ रायपुर के द्वारा 27960 का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। लक्ष्य के विपरीत इस परीक्षा में 15950 शिक्षार्थी सम्मिलित हुए हैं। इनमें कुल 4795 पुरुषों के मुकाबले 6360 अधिक महिलाएं दर्ज की गई। परीक्षा में कुल 11155 महिला शिक्षार्थियों की उपस्थिति रही।

कोरबा विकासखंड से सर्वाधिक 4098 शिक्षार्थी हुए शामिल

कोरबा विकासखंड से 2736 महिला, 1362 पुरुष समेत कुल 4098 शिक्षार्थी सम्मिलित हुए। इसी तरह करतला विकासखंड से 2903 महिला, 811 पुरुष समेत 2092, कटघोरा से 1958 महिला, 448 पुरुष समेत 2406, पाली से 2938 महिला, 1035 पुरुष समेत 3973 एवं पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड से 1431 महिला एवं 1139 पुरुष समेत कुल 2570 शिक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इस तरह जिले से 11155 महिला व 4795 पुरुषों समेत कुल 15950 शिक्षार्थी सम्मिलित हुए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here