मकर संक्रांति पर एके गुरुकुल के विद्यार्थियों ने किया वाल्मीकि आश्रम का शैक्षणिक भ्रमण, AK गुरुकुल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के डायरेक्टर अक्षय कुमार दुबे ने कहा कि अन्नदान कर विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवा व आत्मनिर्भरता की सीख विकसित होगी।
कोरबा/ढेलवाडीह। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर रानी लक्ष्मी बाई उच्च माध्यमिक विद्यालय के कक्षा दसवीं, ग्यारहवीं एवं बारहवीं एवं एके गुरुकुल महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को जनजाति समुदाय स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम, कोरबा का शैक्षणिक एवं प्रेरणादायक भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को जनजातीय समाज के अनुशासित जीवन, परिश्रमपूर्ण जीविका तथा आत्मनिर्भरता जैसे वास्तविक जीवन मूल्यों से परिचित कराना था।
इस अवसर पर आश्रम में व्याप्त सादगी, अनुशासन और संघर्ष की भावना ने विद्यार्थियों के मन में नई सोच, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक दृष्टिकोण का संचार किया। मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी गई, जिससे उनमें उद्देश्यबोध, सकारात्मक ऊर्जा एवं सामाजिक संवेदनशीलता का विकास हुआ।
AK गुरुकुल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के डायरेक्टर अक्षय कुमार दुबे ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि आश्रम एक पवित्र एवं प्रेरणादायक स्थल है, जहाँ महर्षि वाल्मीकि द्वारा स्थापित जीवन मूल्यों—अनुशासन, तप, सादगी, शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता—का व्यवहारिक रूप देखने को मिलता है। यह आश्रम जनजातीय समुदाय के लिए संस्कार, श्रम, नैतिकता और सामाजिक चेतना का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।
साथ ही, विद्यालय में मकर संक्रांति के अवसर पर सभी विद्यार्थियों द्वारा आपसी सहयोग से अन्नदान करने का संकल्प लिया गया था। इस संकल्प को पूर्ण करते हुए विद्यार्थियों के माध्यम से एकत्रित किया गया अन्न महर्षि वाल्मीकि आश्रम में अध्ययनरत बच्चों को स्वयं अपने हाथों से समर्पित किया गया। इस सेवा कार्य के माध्यम से विद्यार्थियों में दान, सहयोग एवं मानवता के मूल्यों को आत्मसात करने का भाव विकसित हुआ।
AK गुरुकुल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के डायरेक्टर अक्षय कुमार दुबे ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि आश्रम एक पवित्र एवं प्रेरणादायक स्थल है, इस पहल से विद्यार्थियों में दान, सहयोग एवं मानवता के मूल्यों को आत्मसात करने का भाव विकसित होगी।