कोरबा। जिले के शासकीय महाविद्यालय करतला एवं नवीन शासकीय महाविद्यालय रामपुर के संयुक्त तत्वावधान में विकसित भारत @2047: आत्मनिर्भरता नवाचार एवं समावेशी विकास” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। 19 एवं 20 फरवरी को यह सेमिनार सद्भावना भवन करतला में आयोजित होगा। सेमिनार में भाग लेने ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से पंजीयन किया जा सकेगा।
बहुविषयक राष्ट्रीय सेमिनार : एक परिचय
वर्ष 2047 में भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण करेगा, किसी राष्ट्र की स्वतंत्रता के 100 वर्ष महत्पूर्ण होते हैं। यह केवल ऐतिहासिक अवसर ही नहीं बल्कि यह भी देखने का दिन होगा कि इन 100 वर्षों में हमने कितनी प्रगति की। गुलामी की जंजीरों से मुक्त तो हुये, लेकिन आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास के साथ विकसित राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर उभर पाए या नहीं। इसी को दृष्टिगत रखते हुए माननीय प्रधानमंत्री जी ने भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है।
यह संगोष्ठी विद्वानो और शोधार्थियों को एक संयुक्त मंच प्रदान करेगी : प्राचार्य मृगेश कुमार यादव
आयोजन समिति के संरक्षक और शासकीय महाविद्यालय करतला एवं नवीन शासकीय महाविद्यालय रामपुर के प्राचार्य मृगेश कुमार यादव ने बताया कि इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्देश्य विकसित भारत 2047 के विभिन्न आयामों यथा आत्मनिर्भरता, नवाचार एवं समावेशी विकास का बहुआयामी विश्लेषण करना है। यह संगोष्ठी विद्वानो और शोधार्थियों को एक संयुक्त मंच प्रदान करेगी। जहां वे विकसित भारत 2047 की व्यवहार्यता, लाभ और सीमाओं पर रचनात्मक विमर्श कर सकेंगे। संगोष्ठी का प्रयास इस दिशा में एक समावेशी, सहभागी और बौध्दिक विमर्श को आगे बढ़ाना है।
उपशीर्षक:-
1. शिक्षा एवं मानव संसाधन
विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा की भूमिका
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और विकसित भारत
कौशल विकास, रोजगार एवं युवा शक्ति
2. अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता
आत्मनिर्भर भारत: नीति, उपलब्धियां और चुनौतियां, लघु एवं मध्यम उद्यम, स्टार्टअप और स्थानीय से वैश्विक स्तर तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था और समावेशी विकास
3. विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार
डिजिटल इंडिया एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
विकसित भारत में विज्ञान एवं तकनीक की भूमिका
साइबर सुरक्षा एवं डेटा संरक्षण
4. सामाजिक न्याय एवं समावेशन
नारी सशक्तिकरण एवं विकसित भारत
जनजातीय, वंचित वर्ग एवं सामाजिक समानता स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक सुरक्षा
5. संस्कृति, मूल्य एवं राष्ट्रबोध
भारतीय संस्कृति एवं मूल्य आधारित विकास
वसुधैव कुटुम्बकम् वैश्विक नेतृत्व में भारत राष्ट्र निर्माण में नैतिकता एवं नागरिक कर्तव्य
6. पर्यावरण एवं सतत विकास
सतत विकास लक्ष्य (एसडीजीएस) और विकसित भारत जलवायु परिवर्तन एवं हरित भारत
प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
शोध सारांश संबंधी निर्देश :-
शोध सारांश शब्द केवल हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा में स्वीकार किये जायेंगे। शब्द सीमा न्यूनतम 250 शब्द होनी चाहिये। फॉन्ट यूनिकोड (हिन्दी) तथा टाइम्स न्यू रोमन (अंग्रेजी) में ही स्वीकार्य होंगे। शोध सारांश के साथ 5 बीज शब्द अवश्य होने चाहिये। वर्ड फाइल में ई-मेल v.bharat2047@gmail.com पर दिनांक 05 फरवरी 2026 तक शोध सारांश स्वीकार किए जाएंगे।
मुख्य वक्ता
डॉ. विदुषी शर्मा
अकादमिक काउंसलर इग्नू, शोध निदेशक जे.जे.टी.यू. विशेषज्ञ, केन्द्रीय हिंदी निदेशालय उच्चतर शिक्षा विभाग, भारत सरकार
डॉ. अतुल कुमार तिवारी
सह-प्रध्यापक एवं विभागाध्यक्ष जैव पर्यावरण विभाग, ए.पी.एस विश्वविद्यालय रीवा (म.प्र.)
डॉ. अनुपम कुमार सिंह
सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष भूगोल विभाग, राजेन्द्र महाविद्यालय छपरा (बिहार)