गणतंत्र दिवस पर कमला नेहरू महाविद्यालय में महाविद्यालय समिति के उपाध्यक्ष डॉ आरसी पांडेय ने फहराया तिरंगा
कोरबा। आज ही के दिन, 26 जनवरी सन 1950 को हमारे देश का संविधान लागू हुआ था और उसके अनुरूप देश का संचालन हो रहा है। हमारा भारत एक प्राचीन देश है, जिसके पास हजारों वर्ष पुराने इतिहास की गौरवगाथा मौजूद है। आज का यह दिन देश के उस महान इतिहास पर गर्व करने का दिन है, जिनकी मजबूत नींव पर हमारा भारत आज सारे विश्व में एकता और अखंडता की मिसाल बन रहा है। आज भारत की गौरवशाली विरासत को समेटे पुरातन और महान इतिहास पर गर्व करने का दिन है।
यह बातें सोमवार को आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर कमला नेहरू महाविद्यालय समिति के उपाध्यक्ष डॉ आरसी पांडेय ने कहीं। बतौर मुख्य अतिथि डॉ पांडेय ने तिरंगा फहराया। महाविद्यालय प्रांगण में 26 जनवरी को राष्ट्रीय पर्व गरिमामय वातावरण में उत्साहपूर्वक मनाया गया। विद्यार्थियों ने संगीत की मधुर धुन में सुमधुर प्रस्तुति से सभी को भाव विभोर कर दिया। विद्यार्थियों और कनिष्ठ प्राध्यापकों ने वरिष्ठजनों को भारतीय संस्कृति और परंपरा का अनुसरण करते हुए चरण वंदन कर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर प्रमुख रूप से ज्योति भूषण प्रताप सिंह विधि महाविद्यालय कोरबा की प्राचार्य डॉ किरण चौहान, कॉलेज के सभी विभागप्रमुख, सहायक प्राध्यापक, कर्मचारीगण एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
गणतंत्र दिवस देश के जीवंत इतिहास, मजबूत संकल्प व उज्जवल भविष्य का प्रतीक है : डॉ प्रशांत बोपापुरकर
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ प्रशांत बोपापुरकर ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए केवल एक तारीख नहीं, भारत के जीवंत इतिहास, एक मजबूत संकल्प और भारतवासियों के उज्जवल भविष्य का प्रतीक है। उन्होंने महाविद्यालय परिवार को देश, समाज और युवाओं को उच्च शिक्षित करने के प्रति अपने नैतिक दायित्वों का निर्वहन करने प्रेरित किया। डॉ बोपापुरकर ने कहा कि संविधान से प्रदत्त अपने अधिकारों को जानने और उनका हर हाल में पालन करते हुए कर्तव्यों का निर्वहन करना हम सभी की जिम्मेदारी है। हम अपने कर्तव्य पथ पर चलकर ही अपने महाविद्यालय, अपने विद्यार्थियों और देश को निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रखने में अपना योगदान दे सकते हैं।