कोरबा। समाज के पीड़ित वर्ग का दर्द समझकर राहत की राह बनाने हृदय में संवेदना के भाव को आत्मसात करना आवश्यक है। सेवा की यही मूल विधि समझने कमला नेहरू महाविद्यालय कोरबा के एमएसडब्ल्यू की छात्राओं ने सेवा भारती मातृछाया का शैक्षणिक भ्रमण किया। यहां उन्होंने एक दिन गुजारकर सेवा प्रदान कर रहे स्वयंसेवकों और लक्षित वर्ग के बच्चों लिए उनके योगदान को करीब से जाना। समाज कार्य की मूल भावना को प्रत्यक्ष रूप से देखा और सेवा के लिए जीवन समर्पित करने वाले युवा स्वयंसेवियों की जिम्मेदारियों से भी रूबरू हुए।
कमला नेहरू महाविद्यालय कोरबा के प्राचार्य डॉ प्रशांत बोपापुरकर ने बताया कि समाज कार्य में प्रोफेशनल करियर स्थापित करने के लिए सामाजिक गतिविधियों की विधि और प्रबंधन को समझना आवश्यक है। यही लक्ष्य लेकर मास्टर ऑफ सोशल वर्क (एमएसडब्ल्यू) की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से जिले में चल रहे सामाजिक सेवा के कार्यों से रूबरू कराया जा रहा है। इसी कड़ी में महाविद्यालय के एमएसडब्ल्यू द्वितीय सेमेस्टर की छात्राओं ने शहर के बुधवारी बाइपास मार्ग स्थित सेवा भारती मातृछाया का भ्रमण किया। संस्था द्वारा संचालित केंद्र में आश्रय पाने वाले शून्य से छह वर्ष तक की आयु के नन्हें-मुन्ने बच्चों एवं उनका सहारा बन कार्य कर रहे स्वयंसेवकों के साथ वक्त बिताया। इस दौरान छात्राओं ने बच्चों के लालन-पालन, आहार, शिक्षा एवं विशेषीकृत दत्तक ग्रहण अभिकरण के जरिए उन्हें योग्य पालकों को गोद दिए जाने की विधियों की जानकारी प्राप्त की। बच्चों की देखरेख करने वाले कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों को समझने का भी प्रयास किया। पिछले आठ वर्ष से यहां सेवा प्रदान कर रहे स्वयंसेवी मयंक श्रीवास ने छात्राओं को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर उनका मार्गदर्शन किया। यह शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम कमला नेहरू महाविद्यालय में समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ विमला सिंह, श्रीमती कविता पटेल एवं विकास पांडेय के मार्गदर्शन में किया गया। छात्राओं ने सेवा भारती मातृछाया व इस पुनीत कार्य में भागीदार बन रही उनकी पूरी टीम द्वारा समाज के प्रति अर्पित किए जा रहे योगदान का व्यावहारिक अध्ययन किया गया। भ्रमण के दौरान प्रमुख रूप से एमएसडब्ल्यू द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा गौरी नेताम, मुस्कान राजपूत, करुणा लहरे, पूजा केंवट, धारणा केंवट एवं विनीता नायक उपस्थित रहे।







