स्वर्गद्वार के पास एक ऐसी जगह, जहां हर गुरुवार लगता है भूत-प्रेतों का दरबार, मिलती है कड़ी सजा

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पावन धर्म नगरी अयोध्या में एक ऐसी दरगाह भी है, जहां प्रतिदिन जियारत करने वालों का तांता लगा रहता है। एक ऐसी जगह, जहां भूतों की अदालत (court of ghosts) लगती है। हर गुरुवार इस जगह पर यह खास अदालत लगती है और लोगों की जिंदगी में परेशानियों का कारण बनने वाले भूत-प्रेतों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाती है।

राम की पैड़ी स्थित नागेश्वर नाथ मंदिर से लगा स्वर्गद्वार इलाका है। जहां सैयद इब्राहिम शाह रहमतुल्लाह अलेह पाक की दरगाह है। जिसे अड़गड़ा दरगाह भी कहा जाता है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लेकिन सप्ताह के हर गुरुवार को यहां खासतौर पर भूत प्रेत और दिमागी बीमारियों से ग्रसित लोग दरगाह के सामने खुद के ठीक होने का दावा भी करते हैं। मान्यता है कि इस दरगाह पर आने के बाद भूत प्रेत सब गायब हो जाते हैं।

यहीं आकर अड़ गया ताशकंद के बादशाह के शहजादे का घोड़ा
अड़गड़ा दरगाह के खादिम बताते हैं कि जिनकी मजार ए पाक है, वह ताशकंद के बादशाह के शहजादे हैं। लेकिन शुरू से इनका ध्यान खुदा की इबादत में लगा रहता था। इनके पिता के देहांत के बाद इनको गद्दी पर बैठाया गया। लेकिन इबादत में लीन होकर अपनी गद्दी अपनी बादशाही को छोड़कर लोगों की सेवा के लिए लोगों को सच्चाई का मार्ग बताने के लिए कई मुल्कों की सैर करते हुए हिंदुस्तान आए। जब अयोध्या आए तो उनका घोड़ा यहीं पर अड़ गया और यही गढ़ गया। इस वजह से इस मजार का नाम अड़गड़ा पड़ गया।

हिंदू – मुस्लिम की एकता की मिसाल

यह लगभग 600 साल पुरानी दरगाह है। इस दरगाह की खास बात यह भी है कि इस दरगाह पर जितनी तादात में हिंदू आते हैं। उतनी ही तादात में मुस्लिम भी आते हैं। अपनी बीमारी का इलाज ढूंढने के लिए जब लोग यहां हाजिरी लगाते हैं तो उनकी दुआ कुबूल होती है। स्थानीय बताते हैं कि दूर-दूर से इस दरगाह पर लोग हाजिरी लगाने आते हैं. जिसको जिस तरह की परेशानी होती है। दुकान में बंदी किसी के कारोबार में बरकत नहीं होता। इसके अलावा जिन पर भूत प्रेत का साया रहता है। सभी यहां हाजिरी लगाते हैं। कई लोग तो कई सालों से यहां आते हैं।

यहां बुरे जिन्नात को मिलती है कड़ी सजाखा

खादिम कादरी बताते हैं कि जिस तरह से इंसान अच्छे और बुरे होते हैं, उसी तरह जिन्नातों में भी अच्छे और बुरे जिन्नात होते हैं। बुरे जिन्न लोगों को परेशान करते हैं। उन्हें सुधारने के लिए इस जगह को विशेषता है। अच्छे जिन्न इन्हें मानते हैं। बुरे जिन्नात जब किसी के ऊपर सवार होकर आते हैं, तो सरकार के हुक्म से बुरे जिन्नात की पिटाई होती है। अच्छे जिन्नात बुरे जिन्नात का कत्ल भी कर देते हैं।


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Aakash Pandey

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