कोरबा/कटघोरा। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कटघोरा, कोरबा के बी. एस.सी.कृषि चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा ग्राम भंवर में ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव जिसे लघुत्तम रूप में रावे कहा जाता है, उक्त रावे कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र कोरबा अधिष्ठाता डॉ राजेश कुमार साहू के अध्यक्षता एवं ग्राम भंवर की सरपंच श्रीमती गणेश बाई मरपच्ची मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि वीर सिंह मरपच्ची, यशपाल सिंह एवं भानु सिंह उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान रावे समन्वयक डॉ आर.के. भारद्वाज द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्य एवं गतिविधियों की जानकारी किसानों एवं ग्रामीणों को दी गई। किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, नवीन कृषि तकनीकों तथा ग्राम स्तर पर विद्यार्थियों द्वारा की जाने वाली गतिविधियों के बारे में अवगत कराया गया। तत्पश्चात कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ राजेश कुमार साहू अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय ने छात्रों तथा ग्रामीणों को संबोधित करते हुए रावे की उपयोगिता से अवगत करते हुए बताया कि रावे के माध्यम से छात्र ग्रामीण परिवेश से जुड़ते है साथ की अपने तीन वर्षों में पाए ज्ञान के साथ जमीनी स्तर पर उतरकर किसानों के साथ सामंजस्य स्थापित कर कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के कार्यों की मैदानी स्तर पर अनुभव प्राप्त करते है। ग्राम सरपंच श्रीमती गणेश बाई मरपच्ची ने अपने संबोधन के माध्यम से विद्यार्थियों एवं किसानों को मार्गदर्शन प्रदान कर सकारात्मक कार्य करने हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर किसानों ने भी कृषि से संबंधित अपने अनुभव, समस्याएं एवं विचार साझा किए। साथ ही बी एस सी कृषि चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थी साहिल पैगवार एवं अनमोल जांगड़े ने अपने विचार व्यक्त करते हुए रावे कार्यक्रम के माध्यम से किसानों के साथ मिलकर कार्य करने, उनकी समस्याओं को समझने तथा कृषि के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों, किसानों एवं कृषि विशेषज्ञों के बीच संवाद स्थापित हुआ तथा वैज्ञानिक कृषि ज्ञान के प्रसार और किसान-विद्यार्थी सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में रावे कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई।







