एक ओर बिराजेंगे कोयंबटूर के आदियोगी शिव, तो दूसरी ओर सजेगा मां वैष्णौ देवी का दरबार


शहर में नौ दिवसीय दुर्गा उत्सव की तैयारी जोरों पर, सुुंदर रूप ले रहे पंडाल, देश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों की दिखेगी झलक

कोरबा(thevalleygraph.com)। नौ दिनों के शारदीय नवरात्र उत्सव के शुभारंभ को अब केवल छह दिन शेष रह गए हैं। हर वर्ष की परंपरा के अनुरूप सार्वजनिक दुर्गोत्सव समितियों ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। आकर्षक और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को खींचे चले आने पर विवश कर देने वाले माता के खूबसूरत, विशाल और भव्य पंडालों का निर्माण किया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी कुछ खास रूपसज्जा को आकार देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में शहर के आरएसएस नगर स्थित भव्य दुर्गा पंडाल में एक ओर कोयम्बटूर के प्रसिद्ध तीर्थ की तर्ज पर आदियोगी शिव मंदिर में मां दुर्गा विराजमान होंगी, तो दूसरी ओर पहाड़ों वाली मां वैष्णौ देवी का दरबार सजेगा।

इस वर्ष शारदीय नवरात्र में मां के भक्तों को अनेक दुर्गा पंडालो में भव्यता की झलक देखने को मिलेगी। नवरात्र को लेकर शहर के कुछ चुनिंदा स्थानों में भव्यता की झलक हर वर्ष देखने को मिलती है। इस वर्ष भी इन स्थानों में माता रानी के आगमन को लेकर, पंडित रविशंकर शुक्ला नगर, महाराणा प्रताप नगर, राजेंद्र प्रसाद नगर के साथ अन्य जगहों पर विशेष तैयारियां शुरू कर दी गई है। कोरबा शहर के पंडित रविशंकर शुक्ला नगर में दुर्गा उत्सव को लेकर समिति द्वारा तैयारियां जोरों से की जा रही है। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी दुर्गा पंडाल को लेकर यहां भव्यता देखने को मिलेगी। इस वर्ष समिति द्वारा तमिलनाडु के कोयंबटूर में स्थित आदियोगी शिव टेंपल के तर्ज पर थीम वाले पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है जिसमें भव्य पंडाल के ऊपर 15 फीट की भगवान आदियोगी शिव की प्रतिमा स्थापित की जाएगी जिसका निर्माण लखनऊ में किया जा रहा है। वही शारदा विहार में दुर्गा पूजा उत्सव समिति के द्वारा इस वर्ष कटरा में स्थित मां वैष्णो देवी के दरबार की तर्ज पर भव्य पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है।

सुबह 11.44 से दोपहर 12.30 के बीच कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। पंडित रविशंकर शुक्ल नगर में नवरात्र के प्रथम दिन माता रानी के आगमन को लेकर भी विशेष तैयारी की गई है। समिति द्वारा आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को माता के आगमन को लेकर भव्य शोभा यात्रा का भी आयोजन किया गया है। नवरात्र के प्रथम दिन 15 अक्टूबर को भव्य शोभायात्रा के रूप में गाजे-बाजे के के साथ मां आदि शक्ति की प्रतिमा को लाया जाएगा जिसमें सभी भक्तों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील समिति द्वारा की गई है।

महामाया मंदिर चैतमा में स्थापित होंगे मनोकामना दीप
शारदीय नवरात्र शुरू होने में पांच दिन शेष हैं। दुर्गा समितियों की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। प्रमुख मंदिरों में साफ-सफाई तथा रंगाई का काम तेजी पर है। मान्यता है कि नवरात्र में सच्चे मन से देवी का पूजन करने पर सभी मनोकामना पूरी हो जाती हैं। पर्व के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरुपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इस साल शारदीय नवरात्रि 15 अक्टूबर से शुरू होकर 23 अक्टूबर तक चलेगी। धार्मिक मान्यता है कि इस नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की विधिवत उपासना से देवी की विशेष कृपा बरसती है। इसी के तहत नगर सहित ग्रामीण इलाकों मे भक्तों का पूरे नौ दिनों तक तांता लगा रहता है।
पंडालों-मंदिरों में गूंजेंगे जसगीत और मांदर की थाप
चैतमा महामाया मंदिर मे ज्योति कलश के लिए 651और जवारा के लिए 211 रुपए ग्रामीणों द्वारा निर्धारित किए गए हैं। आसपास के इलाकों मे जसगीत और मांदर की थाप की धूम रहेगी। महामाया मंदिर प्राचीन मंदिरों में से एक है। ग्रामीणों की ऐसी आस्था है कि इस देवी दरबार में सच्ची आस्था के साथ मांगने पर हर कामना पूर्ण होती है। सर्दियों की शुरूआत में आने वाले शारदीय नवरात्र का अपना अलग ही महत्व होता है। भक्तजन 9 दिन अपने सारे कष्ट, दु:ख, परेशानी भूल कर मन से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं। इस साल कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।


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