संस्था के संचालक अक्षय कुमार दुबे ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि—”शिक्षक ही किसी शिक्षण संस्था की सबसे बड़ी शक्ति हैं, जो बच्चों के जीवन में ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक परिवर्तन लाने को समर्पित होते हैं।”
गुरुजनों के सम्मान से गूंजा रानी लक्ष्मी बाई विद्यालय एवं एके गुरुकुल महाविद्यालय परिसर, शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का हुआ सम्मान, विद्यार्थियों ने दी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
ढेलवाडीह। शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर रानी लक्ष्मी बाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ढेलवाडीह एवं एके गुरुकुल महाविद्यालय में शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं का सम्मान करते हुए शिक्षा, संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को नमन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा जिला महामंत्री संजय शर्मा रहे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे उनके व्यक्तित्व, संस्कार, चरित्र एवं भविष्य का निर्माण करते हैं। राष्ट्र की मजबूत नींव तैयार करने में शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि है।
कार्यक्रम में हिंदी माध्यम विद्यालय के प्राचार्य जे. एस. पैकरा, उप प्राचार्य सोहनलाल देवांगन एवं श्रीमती अमृता साहू की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की उप प्राचार्य श्रीमती नायडू जी एवं मनीष दुबे भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
एके गुरुकुल महाविद्यालय के उप प्राचार्य श्री राम गोपाल कंवर जी सहित विद्यालय एवं महाविद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए मनमोहक कार्यक्रम
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा अपने गुरुजनों के सम्मान में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, भाषण, गीत, कविता एवं मनोरंजक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु उनके जीवन में ज्ञान के साथ-साथ सही दिशा, संस्कार एवं आत्मविश्वास प्रदान करने वाले मार्गदर्शक हैं।
“शिक्षक ही संस्था की सबसे बड़ी शक्ति” — अक्षय कुमार दुबे
संस्था के संचालक अक्षय कुमार दुबे ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि—
“किसी भी शिक्षण संस्था की सबसे बड़ी शक्ति उसके शिक्षक होते हैं। भवन और संसाधन संस्था को मजबूत आधार दे सकते हैं, लेकिन विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य एक समर्पित शिक्षक ही करता है।”
उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मी बाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं एके गुरुकुल महाविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें संस्कारवान, अनुशासित, आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना है। संस्था परिवार इसी उद्देश्य को लेकर निरंतर कार्य कर रहा है।
गुरुजनों का किया गया सम्मान
समारोह के दौरान विद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों को पुष्प एवं शुभकामनाएं भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान पूरा विद्यालय एवं महाविद्यालय परिसर गुरु-शिष्य परंपरा, सम्मान और उत्साह से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम के अंत में संस्था परिवार की ओर से मुख्य अतिथि श्री संजय शर्मा जी, प्राचार्य श्री जे. एस. पैकरा जी, उप प्राचार्य श्री सोहनलाल देवांगन जी, श्रीमती अमृता साहू जी, श्रीमती नायडू जी, श्री मनीष दुबे जी एवं महाविद्यालय के उप प्राचार्य श्री राम गोपाल कंवर जी सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का आभार व्यक्त किया गया।
रानी लक्ष्मी बाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं एके गुरुकुल महाविद्यालय परिवार ने शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी गुरुजनों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके निरंतर मार्गदर्शन एवं समर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।







