केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2, एनटीपीसी कोरबा में प्राथमिक शिक्षकों के लिए एक दिवसीय hand holding प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, विद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार साहू ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों को नवीन एवं बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों को कक्षा में प्रभावी रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कोरबा(7 सितंबर 2026)। केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2, एनटीपीसी कोरबा में प्राथमिक शिक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 एवं केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 4 के प्राथमिक शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय परिसर में किया गया।
प्रशिक्षण की संसाधन व्यक्ति (Resource Person) श्रीमती रमा भट्टाचार्य रहीं। उन्होंने गतिविधि निर्माण के तीन प्रमुख आयाम—क्रियात्मक, भावात्मक एवं संज्ञानात्मक—पर विशेष चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रत्येक गतिविधि ऐसी होनी चाहिए, जिसमें बच्चे स्वयं करके सीखें, अपनी भावनाओं एवं मूल्यों का विकास करें तथा चिंतन, तर्क और समस्या-समाधान की क्षमता को विकसित कर सकें। साथ ही कम लागत एवं बिना लागत वाली शिक्षण-अधिगम सामग्री के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान पारंपरिक शिक्षण एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण के बीच अंतर को स्पष्ट किया गया। बच्चों की सक्रिय सहभागिता, अनुभव के माध्यम से सीखने तथा आनंददायी शिक्षण को प्रभावी बनाने के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की गई। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा, FLN एवं निपुण भारत अभियान के लक्ष्यों के अनुरूप अधिगम परिणाम एवं अधिगम संकेतक तैयार करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
शिक्षकों को प्रभावी अधिगम परिणाम लिखने, सतत आकलन करने तथा बच्चों की प्रगति को सरल प्रगति स्तरों के माध्यम से दर्ज करने की जानकारी दी गई। दक्षता-आधारित शिक्षण की योजना चक्र—अनुभव, अधिगम, अधिगम हेतु आकलन एवं चिंतन—के आधार पर 40 मिनट की पाठ योजना तैयार करने का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।
प्रशिक्षण में FLN प्रगति विवरण, समृद्ध मुद्रित वातावरण एवं पठन परियोजना के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। कक्षा में शब्दों, कहानियों, कविताओं, चित्रों, चार्ट एवं बच्चों के कार्यों को प्रदर्शित कर पठन-पाठन के अनुकूल वातावरण तैयार करने तथा नियमित पठन अभ्यास को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती आँचल बाजपेई ने किया।

शिक्षकों के लिए अपने शिक्षण कार्य में निरंतर सुधार एवं आत्मचिंतन भी लाजमी: प्राचार्य सुनील कुमार साहू
विद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार साहू ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों को नवीन एवं बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों को कक्षा में प्रभावी रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया। समग्र रूप से प्रशिक्षण अत्यंत ज्ञानवर्धक, व्यावहारिक एवं उपयोगी रहा। इस प्रशिक्षण ने शिक्षकों को बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्रिय, आनंददायी, समावेशी एवं दक्षता-केंद्रित शिक्षण अपनाने तथा अपने शिक्षण कार्य में निरंतर सुधार एवं आत्मचिंतन करने के लिए प्रेरित किया।







