जनपद पंचायत कोरबा की बैठक पंजी में बैठक के पश्चात फर्जी रूप से 15वें वित्त की राशि एवं जनपद विकास निधि के विकास कार्यों को फर्जी रूप से लिख कर फर्जी प्रस्ताव अनुमोदन का प्रयास किए जाने का एक शिकायत पत्र सामने आया है। यह शिकायत कोरबा जनपद पंचायत के सदस्यों द्वारा कलेक्टर से करते हुए उस पर कार्यवाही की मांग की गई है। शिकायत का यह पत्र सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें 4-5 जनपद सदस्यों के हस्ताक्षर और सील-मुहर लगे हुए हैं।
कोरबा(theValleygraph.com)। शिकायत में लिखा गया है कि जनपद पंचायत कोरबा में सामान्य सभा की बैठक 2.09.2024 को जनपद पंचायत कोरबा में रखा गया था, जिसमें सत्र 2024-25 के जनपद विकास निधि एवं 15 वें वित्त की राशि से सम्बंधित विकास कार्यों का अनुमोदन उपस्थित सदस्यों के द्वारा बैठक रजिस्टर में क्षेत्र के विकास कार्यों को लिखवाकर हस्ताक्षर किया गया था।
आरोप लगाया गया है कि जिसमें कुछ दिनों पश्चात जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, बाबू एवं दलालनुमा ठेकेदार द्वारा मिलीभगत कर बैठक पंजी / रजिस्टर में बैठक के पश्चात फर्जी रूप से 15वें वित्त व जनपद विकास की निधि के विकास कार्यों का फर्जी रूप से बिना बैठक के लाखों के विकास कार्य लिखकर फर्जी अनुमोदन करने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं जनपद पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंदिरा भगत को फर्जी प्रस्ताव में हस्ताक्षर करवाने हेतु दबाव दिया गया। हस्ताक्षर नहीं करने पर उनके ऊपर फर्जी शिकायत जिला प्रशासन कोरबा को पत्र के माध्यम से भेजकर दबाव बनाया जा रहा है। उन्हें जनपद पंचायत कोरबा से हटाने का भी प्रयास इनके द्वारा किया जा रहा है।

कलेक्टर से यह शिकायत जनपद सदस्य कोरबा जनपद क्षेत्र क्रमांक 23 पताढी, क्षेत्र क्रमांक 22 उरगा की सदस्य कैशिल्या वैष्णव, क्षेत्र क्रमांक 7 सोनपुरी की सदस्य अशोक बाई, क्षेत्र क्रमांक 10 मदनपुर के सदस्य गुलशन कुमार, क्षेत्र क्रमांक 20 की सदस्य मोनिका अरविंद भगत, सभापति कृषि द्वारा की गई है।
शिकायत की प्रतिलिपि श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, रामपुर विधायक फुलसिंह राठिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और कोरबा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी भेजी गई है।






