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शिक्षा एवं समाज निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सफल 12 वर्ष: विश्वास, विकास एवं जनकल्याण के अवसर पर भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा सम्मान समारोह आयोजित, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत रहीं मुख्य अतिथि। 

कोरबा। शुक्रवार 19 जून सायं 6:30 बजे सियान सदन, शारदा विहार, कोरबा में भारतीय जनता पार्टी शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सफल 12 वर्षीय कार्यकाल के उपलक्ष्य में एक गरिमामय सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती संजू देवी राजपूत (महापौर, नगर निगम कोरबा) की गरिमामयी उपस्थिति में शिक्षा एवं समाज निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।

सम्मानित शिक्षकों में भगवान प्रसाद शुक्ला, चित्र गोविंद पाटले, गोपाल प्रसाद प्रजापति, माखनलाल यादव, लक्षण प्रसाद सोनी एवं श्रीमती ममता यादव m शामिल रहे। उनके शिक्षा जगत में अमूल्य योगदान एवं समाज के प्रति समर्पण को नमन करते हुए उनका अभिनंदन किया गया।

यह कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी शिक्षा प्रकोष्ठ, जिला कोरबा के जिला सहसंयोजक चन्द्र भूषण झा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्य समिति सदस्य के.डी वैष्णव ने उपस्थित होकर सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में शिक्षा प्रकोष्ठ एवं संगठन के अनेक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई, जिनमें रविन्द्र सिंह, राज तिवारी, श्रीमती पूनम राय, श्रीमती राजेश्वरी राजवाड़े, श्रीमती प्रीति गुप्ता, श्रीमती कुन्ति प्रजापति, श्रीमती शोभा चंद्रा, श्रीमती संध्या तिवारी एवं श्रीमती प्रतिभा ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक समाज एवं राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। उनके ज्ञान, संस्कार और समर्पण ने अनगिनत विद्यार्थियों के जीवन को दिशा प्रदान की है। ऐसे शिक्षकों का सम्मान करना समाज का नैतिक दायित्व ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 वर्षों के नेतृत्व में शिक्षा, जनकल्याण, डिजिटल परिवर्तन, सुशासन एवं राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में हुए उल्लेखनीय कार्यों पर भी प्रकाश डाला गया तथा विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

*“गुरु का सम्मान, राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का सम्मान है।”*

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