कमला नेहरू काॅलेज में बहन स्मृति ने दिया नशामुक्ति अभियान पर प्रेरक व्याख्यान, प्राचार्य ने प्राध्यापकों व छात्र-छात्राअें को दिलाई नशामुक्ति की शपथ
कोरबा। आज का समाज जहां एक ओर मदिरा, धूम्रपान व तंबाकू जैसी सामाजिक बुराइयों से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर एक नया और अदृश्य नशा हमारी युवा पीढ़ी और बच्चों को तेजी से खोखला कर रहा है। यह नशा है मोबाइल फोन और स्क्रीन एडिक्शन का, जो तेजी से हर परिवार में घर करती जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल का यह डिजिटल नशा पारंपरिक नशों जितना ही घातक साबित हो रहा है, जो बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है।
यह बातें मंगलवार को कमला नेहरू महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति अभियान के विषय में जागरुक करते हुए प्राचार्य डाॅ प्रशांत बोपापुरकर ने कहीं। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से आई बहन स्मृति ने भी इस विषय पर प्रेरक व्याख्यान दिया। मुख्य वक्ता के रूप में बहन स्मृति ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि नशा न केवल इंसान के स्वास्थ्य को बर्बाद करता है, बल्कि उसके मानसिक विकास और उज्जवल भविष्य को भी अंधकार में धकेल देता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से सकारात्मक जीवनशैली अपनाने और व्यसनों से दूर रहने का आह्वान किया। व्याख्यान के पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत बोपापुरकर ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं को जीवन में कभी भी नशा न करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की नशामुक्ति की शपथ दिलाई। प्राचार्य ने कहा कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा लगानी चाहिए, न कि नशे में इसे नष्ट करना चाहिए। इस अभियान में महाविद्यालय स्टाफ सहित भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। शिक्षा संकाय के सभाकक्ष में हुए कार्यक्रम के दौरान प्रमुख रूप से बीएड प्रभारी डाॅ भारती कुलदीप, प्राध्यापक डाॅ बीना विश्वास, वेदव्रत उपाध्याय, डाॅ अंजू खेस्स, नितेश यादव, शंकर यादव, राकेश गौतम, कुणाल दासगुप्ता महाविद्यालय में विद्यार्थी विकास कार्यक्रम की सहयोगी संस्था स्टारलाइट एड इंडिया फाउंडेशन से स्टेट मैनेजर रघुनाथन नायर, सीनियर मैनेजर कविता शर्मा, प्रोजेक्ट काॅर्डिनेटर रितेश सिंह उपस्थित रहे।







