कोरबा। सावन के पावन पर्व के अवसर पर कमला नेहरू महाविद्यालय, कोरबा में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक श्री सुमित कुमार बैनर्जी द्वारा भगवान शिव को समर्पित भक्ति गीत “ओंकारेश्वर महाकालेश्वर” का भव्य लोकार्पण किया गया। यह गीत शिवाय प्रोडक्शन कोरबा के अंतर्गत निर्मित किया गया है।
शिवाय प्रोडक्शन कोरबा के प्रोपराइटर श्री सुमित कुमार बैनर्जी ने स्वयं इस गीत को लिखा है तथा इसका संगीत भी उनके द्वारा ही तैयार किया गया है। बारह ज्योतिर्लिंगों की महिमा को समर्पित यह भक्ति गीत श्रद्धा, भक्ति और संगीत का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत बोपापुरकर ने गीत की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि बारह ज्योतिर्लिंगों की महिमा को समर्पित इतना आकर्षक, मनभावन एवं भक्तिमय गीत प्रस्तुत किया जाना अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यह पूरे महाविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है कि श्री सुमित कुमार बैनर्जी जैसे प्रतिभाशाली रचनाकार महाविद्यालय परिवार के अभिन्न सदस्य हैं।
अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष श्री बृजेश तिवारी ने भी श्री बैनर्जी के अथक परिश्रम, लगन और संघर्ष की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस गीत को तैयार कर आज लोकार्पित करने तक श्री बैनर्जी ने अनेक चुनौतियों का सामना किया, जो उनकी कला के प्रति समर्पण और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
इस अवसर पर श्री सुमित कुमार बैनर्जी ने बताया कि शिवाय प्रोडक्शन कोरबा में व्यवसायिक स्तर की रिकॉर्डिंग की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। उनका मानना है कि कोरबा में संगीत एवं कला के क्षेत्र में अनेक प्रतिभाएँ छिपी हुई हैं, जिन्हें उचित मंच और अवसर मिलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोरबा की स्थानीय प्रतिभाओं को संगीत एवं रिकॉर्डिंग के क्षेत्र में हर स्तर पर आगे लाने और उन्हें उचित मंच प्रदान करने का उन्होंने संकल्प लिया है।
गीत के लोकार्पण अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों एवं कार्यालयीन कर्मचारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए श्री सुमित कुमार बैनर्जी को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
श्री बैनर्जी ने अपनी इस उपलब्धि के लिए महाविद्यालय परिवार एवं समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय परिवार से मिले निरंतर प्रोत्साहन, सहयोग एवं प्रेरणा से ही इस गीत को साकार कर पाना संभव हुआ।
“ओंकारेश्वर महाकालेश्वर” गीत सावन के पावन अवसर पर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों की महिमा को सुरों में पिरोते हुए भक्ति, श्रद्धा और संगीत का एक मनमोहक संदेश देता है।







