कोरबा। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, धर्म, भक्ति, प्रेम, कर्म और लोककल्याण की महान परंपरा का विश्वव्यापी उत्सव है। भारत की पावन धरती से लेकर विश्व के अनेक देशों तक करोड़ों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाते हैं। इसी दिव्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कोरबा के श्री सप्तदेव मंदिर में प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी शुक्रवार, 4 सितम्बर 2026 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य एवं धार्मिक आयोजन किया जाएगा।
ज्ञात हो कि श्री सप्तदेव मंदिर में यह जन्माष्टमी का 33वां उत्सव हो रहा है.
जन्माष्टमी उत्सव को लेकर श्री सप्तदेव मंदिर परिसर में तैयारियाँ लगभग पूर्ण कर ली गई हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है तथा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुँचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन के साथ-साथ नगर निगम एवं जिला प्रशासन द्वारा भी आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग किया जा रहा है।
मंत्री, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन करेंगे भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री एवं श्रम एवं उद्योग मंत्री माननीय श्री लखनलाल देवांगन, छत्तीसगढ़ के पूर्व राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल तथा श्री नरेन्द्र देवांगन सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक श्री सप्तदेव मंदिर पहुँचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन एवं पूजा-अर्चना करेंगे।
नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती संजू सिंह राजपूत, सभापति नूतन सिंह ठाकुर एवं कलेक्टर महोदय तथा आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय जी ने भी जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर आने का आश्वासन दिया है। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा एवं आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक सहयोग एवं व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। संभावित भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा पूर्व वर्षों की भाँति यथासंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की जीवंत एवं मनोहारी झाँकियाँ होंगी विशेष आकर्षण
जन्माष्टमी उत्सव का सबसे प्रमुख आकर्षण मंदिर परिसर में विशाल पंडालों के माध्यम से सजाई जा रही भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं एवं जीवन प्रसंगों पर आधारित भव्य एवं मनोहारी झाँकियाँ होंगी।
इन झाँकियों में भगवान श्रीकृष्ण का कारागार में अवतरण, माता देवकी एवं वसुदेव जी के साथ दिव्य जन्म प्रसंग, वसुदेव जी द्वारा नवजात श्रीकृष्ण को यमुना पार कर गोकुल पहुँचाना, बकासुर वध, कालिया नाग मर्दन, गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर धारण करना सहित भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।






