कमला नेहरू महाविद्यालय में दीक्षारंभ समारोह आयोजित, राष्ट्रीय शिक्षा नीति की तकनीकी बारीकियों एवं शिक्षा-दीक्षा में मिलने वाले लाभ से रूबरू हुए नवप्रवेश छात्र-छात्राएं। विशिष्ट अतिथि के रूप में महाविद्यालय समिति के उपाध्यक्ष डाॅ आरसी पांडेय रहे मौजूद, कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डाॅ प्रशांत बोपापुरकर ने की।
कोरबा। किसी देश की शिक्षा नीति, उसकी संस्कृति के अनुरूप और अनुकूल होनी चाहिए। हमारा भारत एक हजार साल से सतत संघर्ष कर आगे बढ़ा है, जिसके मध्य हम अपने भारतीय ज्ञान परंपरा, चिंतन व दर्शन को भूलते जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य भी यही है कि हम युवाओं के माध्यम से अपनी पुरातन और महानतम संस्कृति को आत्मसात कर समाज परिवर्तन में भागीदार बनें, विकास की ओर अग्रसर हों। आज मैं आप सभी विद्यार्थियों से एक संकल्प लेने का आह्वान करता हूं कि इस महाविद्यालय में अपने गुरुजनों से मिले ज्ञान को धारण कर राष्ट्र को परम् वैभव की ओर ले जाने में भागीदार बनेंगे।
यह बातें बुधवार को कमला नेहरू महाविद्यालय में बुधवार को शिक्षा संकाय के सभा कक्ष में आयोजित दीक्षारंभ समारोह 2026-27 के मुख्य अतिथि रहे विद्या भारती मध्य क्षेत्र के उपाध्यक्ष ठाकुर जुड़ावन सिंह ने छात्र-छात्राओं को आशीर्वचन प्रदान करते हुए कहीं। भारतीय परंपरा का अनुसरण करते हुए अतिथियों ने सर्वप्रथम विद्या की देवी मां सरस्वती, युवाओं से प्रेरणास्त्रोत स्वामी विवेकानंद व देश के द्वितीय राष्ट्रपति डाॅ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पुनः सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं ने क्रमशः राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत एवं राजकीय गीत का सामूहिक गायन किया। इस दौरान मंचस्थ अतिथियों में कमला नेहरू महाविद्यालय समिति के उपाध्यक्ष डाॅ आरसी पांडेय, प्राचार्य डाॅ प्रशांत बोपापुरकर, हिंदी विभागाध्यक्ष डाॅ अर्चना सिंह, वाणिज्य विभागाध्यक्ष बीके वर्मा, भूगोल विभागाध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा मौजूद रहे। मंच संचालन अर्थशास्त्र प्राध्यापक एवं एनएसएस जिला संगठक वायके तिवारी ने किया। इस अवसर पर कॉलेज के प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में नए छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। आभार ज्ञापन अंग्रेजी के विभागाध्यक्ष ब्रिजेश तिवारी ने किया। कार्यक्रम के अंत में डाॅ आरसी पांडेय एवं प्राचार्य डाॅ प्रशांत बोपापुरकर ने शाॅल-श्रीफल भेंटकर मुख्य अतिथि श्री ठाकुर का सम्मान किया।
विद्यार्थी जीवन मुख्य रूप से तीन चरणों में विभाजित होता है: डाॅ आरसी पांडेय
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि रहे महाविद्यालय समिति के उपाध्यक्ष डाॅ आरसी पांडेय ने कहा कि विद्यार्थी जीवन मुख्य रूप से तीन चरणों में विभाजित होता है, जो बच्चों को देश के युवा और जिम्मेदार नागरिकों में विकसित करने में मददगार होते हैं। पहला चरण पहली से 12वीं तक का स्कूल का समय, दूसरा महाविद्यालय और उसके बाद चुने गए विशिष्ट विषय में उच्च शिक्षा लेकर कॅरियर की ओर कदम बढ़ाने का निर्णय होता है। उन्होंने नवीन छात्र-छात्राओं से कहा कि आप सभी बड़ों के बताए मार्ग पर चलें और अपने शिक्षकों से मिले ज्ञान का अनुसरण कर देश विकास में सहभागी बनें।
हमारा महाविद्यालय छात्रों में अनुशासन, व्यक्तित्व एवं सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम: डाॅ प्रशांत
प्राचार्य डाॅ प्रशांत बोपापुरकर ने स्वागत उद्बोधन के साथ दीक्षारंभ समारोह के उद्देश्य से नवीन विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य नए छात्रों को कॉलेज की संस्कृति, नियमों और शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराना है, ताकि वे एनईपी के साथ बिना किसी झिझक के अपने नए शैक्षणिक सफर की शुरुआत कर सकें। उच्च शिक्षा का यह चरण विद्यार्थियों के जीवन को एक नई दिशा देता है। कॉलेज सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन और उनके व्यक्तित्व को निखारने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने नए छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे कॉलेज की हर सुविधा व गतिविधियों का पूरा लाभ उठाएं और जीवन में एक जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लें।
वरिष्ठ विद्यार्थियों ने भी साझा किए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अपने अनुभव
उच्च शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देश पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अंतर्गत आयोजित दीक्षारंभ समारोह में जहां विषय विशेषज्ञों व प्राध्यापकों ने शिक्षा सत्र 2026-27 के नवप्रवेशी विद्यार्थियों को एनईपी के तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया, वहीं तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर में आ चुकी महाविद्यालय के वरिष्ठ विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस शिक्षा नीति के लाभ के बारे में बताया। इनमें सुमन पटेल, नीलाक्षी चैहान, मंतशा कुरैशी, यशवंत दीक्षित एवं रिया विश्वकर्मा शामिल हैं। एनसीसी कैडेट आर्यन यादव ने भी नए छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय कैडेट काॅप्र्स से संबंधित अहम जानकारी प्रदान की।







