मिनीमाता के प्रोफेसर्स, स्टूडेंट्स ने ली देश की एकता और अखंडता अक्षुण बनाए रखने की शपथ


Video:- राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर 31 अक्टूबर को शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय, कोरबा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा स्वीप कार्यक्रम के अंतर्गत नारा लेखन, पोस्टर, निबंध लेखन एवं रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के बाद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. तारा शर्मा, श्रीमती संध्या पांडेय और डॉ. पी.के.सिन्हा विशेष रूप से उपस्थित हुए।

कोरबा(theValleygraph.com)। कार्यक्रम का प्रारंभ एनएसएस के प्रतीक पुरुष स्वामी विवेकानंद एवं सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्रों पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। महाविद्यालय की एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. डेज़ी कुजूर ने बताया कि राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर महाविद्यालय में छात्राओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय एकता और सरदार वल्लभभाई पटेल, एक भारत उन्नत भारत, मतदाता जागरूकता एवं स्वीप कार्यक्रम जैसे विषयों पर नारा लेखन, निबंध, पोस्टर एवं रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।


इस अवसर पर महाविद्यालय के स्वीप नोडल अधिकारी डॉ.विनोद कुमार साहू ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल को लौह पुरुष भी कहा जाता है। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने भारतीय एकता अभियान के माध्यम से 1947 में भारत के 562 रियासतों को एक साथ लाने की महत्वपूर्ण योजना बनाई और उसे सफलतापूर्ण रूप से पूरा किया। उनके जन्मदिन को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, जो संपूर्ण भारतवर्ष में 31 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन, लोग उनके महान योगदान को याद करते हैं और एकता की महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हैं।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र सिंह ने समस्त उपस्थित छात्राओं और अधिकारियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने की शपथ दिलाई। साथ ही छात्राओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मतदाता शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर एनएसएस की स्वयंसेविका श्रद्धा जांगड़े, नीतू चौहान, प्रिया राजपूत, मंजुला, गरिमा मरकाम, गीतानियां महंत, जानकी राठौर, रिया पटेल, कृतिका, नेहा श्रीवास, रेशमा साहू, तुलसी, निकिता साहू और गीतांजलि का सक्रिय योगदान रहा।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *