लंच के वक्त मन ही मन नमकमिर्च और रसोईघर पर विचार-मंथन करते रहे इम्तिहान में बैठे स्टूडेंट्स


शनिवार को बीए द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने भरा फाउंडेशन कोर्स हिंदी भाषा का पर्चा

कोरबा(thevalleygraph.com)। काॅलेज की मुख्य परीक्षाओं का दौर शुरु हो चुका है। शुक्रवार के बाद शनिवार को दूसरे दिन भी फाउंडेशन कोर्स हिंदी भाषा का पर्चा भरा गया। बीए द्वितीय वर्ष के परीक्षार्थियों ने हिंदी भाषा का पेपर हल किया। मजे की बात यह है कि दूसरी पाली में हुई परीक्षा के पर्चे में कई मजेदार सवाल पूछे गए थे। ऐसे में लंच के वक्त इम्तिहान देने परीक्षा हाॅल में बैठे विद्यार्थियों के मन-मस्तिष्क में रसोईघर और नमकमिर्च को लेकर विचार-मंथन अपने आप में रोचक था, जिसका आनंद उठाते हुए उन्होंने अपने सवालों का जवाब लिखा। इसके अलावा गांधीजी का परिचय व चोरी और प्रायश्चित, युवाओं का समाज में स्थान और संभाषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी अनेक सवाल पूछे गए थे।

शुक्रवार के पहले पर्चे की तरह शनिवार को भी फाउंडेशन कोर्स में हिंदी भाषा का पर्चा भरा गया। इनमें बीए द्वितीय वर्ष समेत अन्य संकाय व कक्षा की परीक्षा के लिए उत्साहित होकर कॉलेजों में पहुंचे विद्यार्थियों से पूछे गए सवाल भी काफी रोचक रहे। बीए द्वितीय वर्ष के फाउंडेशन कोर्स के प्रश्नपत्र के सात अंक का एक सवाल पर गौर करें, तो काफी रुचिकर लगेगा। पेपर के चैथे प्रश्न अंतर्गक ख में समास विग्रह पर सवाल पूछा गया था। व्याकरण संबंधी इस प्रश्न में रसोईघर, नमकमिर्च, पंचवटी, आजन्म, मालगोदाम, दशानन व भवसागर का समास विग्रह कर समास का नाम लिखने कहा गया था। इस तरह के रोचक सवालों से परीक्षार्थियों को भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद के साथ राहत महसूस हुई। तीन पालियों में चल रही कॉलेजों की मुख्य परीक्षाओं में इस वर्ष करीब 18 हजार छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। पहला व दूसरा पर्चा हिंदी भाषा में भरा गया, जिसमें पूछे गए रोचक सवालों को देखकर विद्यार्थियों के चेहरे खिले नजर आए। कमला नेहरू कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रशांत बोपापुरकर ने कहा कि परीक्षा के शुभारंभ में सबकुछ शुभ-शुभ हो तो परिणाम भी अच्छे होने की उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने बताया कि कॉलेज में परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसे देखते हुए हर संभव व्यवस्था व सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पीने का शीतल व शुद्ध जल, लाइट, पर्याप्त बैठक व्यवस्था और गर्मी से बचने पंखे की व्यवस्था रखी गई है। परीक्षार्थियों की सुविधा व मदद के लिए हेल्पडेस्क के माध्यम से सहायक प्राध्यापक और कर्मी जुटे हुए हैं। इस दौरान फाउंडेशन कोर्स हिंदी भाषा के प्रश्नपत्र में कार्यालयीन अधिसूचना, मातृभूमि पर निबंध, युवाओं की भूमिका जैेसे प्रेरक विषयों पर भी पूछे जा रहे सवाल परीक्षा को रुचिकर बना रहे हैं। उल्लेखनीय होगा कि शासकीय व निजी समेत जिले के 25 कॉलेजों के छात्र-छात्राएं अपनी मुख्य परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं।


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