नेताजी को NOTA से डरना जरुरी है, क्योंकि राजनीति में रुठे हुए भाग्यविधाता को रिझाना बड़ी चुनौती है, हार-जीत के दांव में चुनाव-दर-चुनाव बढ़ते गए ‘इनमें से कोई नहीं’ पर अंगुली रखने वाले


साल 2014 से सबक लेकर कहना लाजमी होगा कि राजनीति और निर्वाचन में नोटा को नजरंदाज करना भारी पड़ सकता है। बीते एक दशक में हुए दो लोकसभा चुनाव में हर बार नोटा चुनने वालों का ग्राफ बढ़ते क्रम पर नजर आया। कोई नहीं के विकल्प पर बटन दबाने वालों की भूमिका को झुठलाया नहीं जा सकता, जो बड़े उलटफेर का कारण बन सकते हैं। उम्मीदवारों की उम्मीद न टूटे, इसलिए अपनी छवि और गतिविधि में एक अच्छे नेता का उम्दा प्रदर्शन जरुरी हो जाता है। ऐसा कर पाने में कामयाब होने वाला इन रुठे हुए भाग्यविधाताओं की नाराजगी को सशक्त लोकतंत्र के निर्माण में योगदान देने को उत्साहित सेहतमंद मुस्कान में बदल सकते हैं। साथ उनके किस्मत के दरवाजे खोलने वाली नीली स्याही से रंगी उनकी अंगुली नोटा से खींचकर अपनी ओर ला सकते हैं और अपने किस्मत की एक नई इबारत भी लिख सकते हैं।

कोरबा(thevalleygraph.com)। स्मरणीय होगा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में डॉ बंशीलाल महतो ने 4265 वोटों से कांग्रेस के डॉ चरणदास महंत को हराया था, जबकि नोटा में गए वोटों की संख्या 8570 थी। तब जीत के अंतर से दोगुने से भी ज्यादा वोट नोटा में गया था और अगर यही वोट प्रत्याशियों की झोली में जाते, तो शायद नतीजों की सूरत कुछ अलग हो सकती थी। एक बार फिर लोकसभा चुनाव का सीजन जारी है और ऐसे में एक-दूसरे के प्रति घात-प्रतिघात का अगले माह 7 मई को क्या असर होगा, यह तो कल की बात है। पर कल के परिणाम सुखद हों, इसके लिए तो आज से ही अच्छे काम पर फोकस करना लाजमी है। इसी तरह बीते विधानसभा चुनाव-2023 में कोरबा लोकसभा क्षेत्र की आठ विधानसभाओं में कोरबा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सबसे कम यानी 972 वोट नोटा में पड़े और दशकों बाद इस विधानसभा में बड़ा और अप्रत्याशित ही नहीं, ऐतिहासिक परिवर्तन भी देखने को मिला।

इसी तरह वर्ष 2019 में कोरबा संसदीय क्षेत्र में कुल 1508840 मतदाता थे। वैध वोटों की कुल संख्या 1136903 थी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उम्मीदवार ज्योत्सना चरणदास महंत जीत गईं और इस सीट से सांसद बन गईं। उन्हें कुल 523310 वोट मिले। भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ज्योति नंद दुबे कुल 497061 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वे 26249 वोटों से हार गए, जबकि नोटा पर बटन दबाने वालों की संख्या 19305 यानी 1.7 प्रतिशत थी।

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में कोरबा संसदीय क्षेत्र में कुल 1423729 मतदाता दर्ज थे। मतदान के आंकड़ों के अनुसार कुल वैध वोटों की संख्या 1052720 थी। इस सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार स्व. डॉ. बंशीलाल महतो जीते और सांसद बने। उन्होंने कुल 439002 वोट हासिल किए थे और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ चरण दास महंत कुल 434737 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। डॉ महंत केवल 4265 वोटों से हार गए, जबकि नोटा पर बटन दबाने वालों की संख्या 8570 यानी 0.6 प्रतिशत रही, जो जीत के अंतर से लगभग दोगुनी से भी अधिक थी।

2009 में कोरबा संसदीय क्षेत्र में कुल 1276443 मतदाता थे। वैध वोटों की कुल संख्या 745612 थी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार चरण दास महंत जीते और इस सीट से सांसद बने। उन्हें कुल 314616 वोट मिले। भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार करुणा शुक्ला कुल 293879 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। वह 20737 वोटों से हार गईं।

वर्ष 2023 के चुनाव में हमारी 8 विधानसभाओं में नोटा पर पड़े कुल 18391 वोट
कुछ माह पहले यानि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में अलग-अलग विधानसभा में भी काफी संख्या में नोटा का प्रयोग किया गया। इनमें कोरबा लोकसभा के सभी आठ विधानसभा में कुल पड़े नोटा की बात करें तो इनकी संख्या 18391 वोट रही। इनमें कोरबा विधानसभा अंतर्गत सबसे कम यानी 972 वोट नोटा में पड़े और दशकों बाद कोरबा विधानसभा में बड़ा परिवर्तन देखने को मिला। इसके बाद कटघोरा विधानसभा में 1462 वोट नोटा में गए, रामपुर (एसटी) में 2497, जिले में सर्वाधिक पाली-तानाखार (एसटी) में 3557 वोट, भरतपुर-सोनहत (एसटी) में 2573, बैकुंठपुर में 1934, मनेंद्रगढ़ में 1308 और लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत मरवाही (एसटी) विधानसभा में सर्वाधिक 4088 वोट नोटा में गए।

फैक्ट फाइल
विधानसभा चुनाव 2023 में नोटा के आंकड़े
कोरबा 972
कटघोरा 1462
रामपुर (एसटी) 2497
पाली-तानाखार (एसटी) 3557
मरवाही (एसटी) 4088
भरतपुर-सोनहत (एसटी) 2573
बैकुंठपुर 1934
मनेंद्रगढ़ 1308
कुल 18391

फैक्ट फाइल
लोकसभा चुनावों में नोटा की स्थिति
2019 ज्योत्सना महंत कांग्रेस 523310
2019 नोटा 19305 1.7 प्रतिशत
2014 डॉ. बंशीलाल महतो भाजपा 439002
2014 नोटा 8570 0.6 प्रतिशत
2009 डॉ चरणदास महंत कांग्रेस 314616
2009 करुणा शुक्ला भाजपा 293879
———-


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *