April 22, 2024

मुझे डर है कैसा….नहीं मैं अकेली, हिफाजत करेगी वो “मेरी सहेली”

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रेलवे सुरक्षा बल की मेरी सहेली टीम महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रमुख स्टेशनों में अलर्ट मोड पर तैनात की गई हैं, जो त्वरित कार्रवाई के लिए चौकसी से ड्यूटी निभा रहीं हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में सफलतापूर्वक चलाया जा है “मेरी सहेली अभियान, रेलवे सुरक्षा बल की “मेरी सहेली” की टीम की महिला सदस्याएं 13 मुख्य स्टेशनों पर मौजूद, इस अभियान से महिला यात्रियों में सुरक्षा की भावना तथा आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है, इस वर्ष 13385 ट्रेनों में लगभग 1 लाख 5 हजार अकेले यात्रा कर रही महिला यात्रियों को “मेरी सहेली” की टीम ने सहायता पहुंचाई । किसी भी परेशानी के दौरान अगर महिलाएं 139 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करती हैं तो उन्हें तुरंत रिस्पॉंस दिया जाता है ।

बिलासपुर(thevalleygraph.com)। देश की धड़कन भारतीय रेलवे अपने यात्रियों की सुविधा के लिए निरंतर प्रयासरत है। रोजाना लाखों की संख्या में लोग रेल से सफर करते हैं । रेलयात्रियों को सुरक्षित एवं संरक्षित तरीके से उनके गंतव्य तक पहुंचाना रेल प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ट्रेनों में अकेली यात्रा कर रही महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए “मेरी सहेली अभियान” चला रही है । “मेरी सहेली” अभियान रेलवे की एक महिला-उन्मुख पहल है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनकी यात्रा को आरामदायक और निर्बाध बनाना है।

कामकाजी व घरेलू महिलाओं के साथ ही पढ़ाई के लिए लड़कियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आना-जाना लगा रहता है । लंबे सफर के दौरान कई महिलाओं को घबराहट होती है तो उनके परिजन उनसे ज्यादा चिंता में पड़े रहते हैं । जब तक सफर सकुशल पूरा नहीं हो जाता, तब तक किसी भी चिंता का समाधान नहीं होता । इसी को देखते हुए भारतीय रेलवे ने मेरी सहेली अभियान चलाया है । इस सक्रिय पहल का मूल उद्देश्य महिला यात्रियों को ट्रेन यात्रा के दौरान सुरक्षा की गहरी भावना प्रदान करना है, जिससे वे अपनी सुरक्षा के बारे में किसी भी आशंका के बिना यात्रा कर सकें। जिसके तहत विभिन्न स्टेशनों पर मेरी सहेली टीमों का गठन किया गया है । यह टीम महिलाओं को विभिन्न अपराध से लेकर मदद लेने के लिए हेल्पलाइन के बारे में जागरूक भी करती रहती हैं । इसके अलावा किसी भी परेशानी के दौरान अगर महिलाएं 139 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करती हैं तो उन्हें तुरंत रिस्पॉंस दिया जाता है ।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में मेरी सहेली की 13 टीम कार्यरत है, जो कि 13 अलग-अलग ट्रेनों को कवर करती है । रेलवे सुरक्षा बल की मेरी सहेली टीम में महिला कांस्टेबल से लेकर महिला सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर शामिल है । रेलवे सुरक्षा बल सिस्टम के माध्यम से मेरी सहेली टीम को संबन्धित स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों में यात्रा कर रही अकेली महिला यात्रियों की जानकारी प्राप्त होती है । अकेली यात्रा कर रही महिला यात्री की जानकारी मिलने के पश्चात मेरी सहेली टीम उनसे जाकर संपर्क करती है, उनसे बातचीत कर उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा या समस्या की जानकारी लेती है और सफर के दौरान संबंधित कोचों और बर्थों की निगरानी करती है । सफर के दौरान महिला यात्री हेल्पलाइन 139 एवं टीटीई के माध्यम से भी मेरी सहेली टीम से संपर्क कर सकती है ।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में मेरी सहेली की टीम बिलासपुर, रायगढ़, चांपा, कोरबा, शहडोल, अनुपपुर, रायपुर, दुर्ग, भाटापारा, गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव एवं भंडारा रोड जैसे मुख्य स्टेशनों पर कार्यरत हैं । इस वर्ष 13385 ट्रेनों में लगभग 1 लाख 5 हजार अकेले यात्रा कर रही महिला यात्रियों को “मेरी सहेली” की टीम ने सहायता पहुंचाई । इसमें बिलासपुर रेल मण्डल में 4772 ट्रेनों में 55584 महिला यात्री, रायपुर रेल मण्डल में 5351 ट्रेनों में 37674 महिला यात्री तथा नागपुर रेल मण्डल 3262 ट्रेनों में 10918 महिला यात्री शामिल हैं । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने ट्रेन के सफर को महिलाओं के लिए बेहद सुरक्षित बनाने की तरफ एक सराहनीय कदम उठाया है । इस अभियान से महिला यात्रियों में सुरक्षा की भावना जागृत हुई है साथ ही आत्मविश्वास भी बढ़ी है । इस अभियान से महिला यात्री अपने गन्तव्य तक सुरक्षित महसूस करते हुए आत्मविश्वास के साथ यात्रा कर रही है ।


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