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कोरबा प्रेस क्लब ने कलेक्टर-SP को सौंपा ज्ञापन: डिजिटल पत्रकारिता की आड़ में अवैध वसूली व भयादोहन पर प्रभावी कार्यवाही की मांग

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कोरबा। कोरबा प्रेस क्लब द्वारा डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफार्म की आड़ में हो रही कथित अनियमितताओं, आपराधिक गतिविधियों, व्यक्तिगत प्रताड़ना, भयादोहन (ब्लैकमेलिंग) और अवैध वसूली पर रोक लगाने के संबंध में एक कड़ा रुख अपनाया गया है। इस संबंध में कोरबा प्रेस क्लब के पदाधिकारियों द्वारा आज कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्ष नौशाद खान, संरक्षक कमलेश यादव, उपाध्यक्ष राजकुमार शाह, सचिव दिनेश राज, उप सचिव हरीश तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य नवाब हुसैन, राजेश मिश्रा (मिठ्ठू) सहित सम्माननीय सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

ज्ञापन के माध्यम से प्रेस क्लब ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को जानकारी दी है कि वर्तमान में इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर स्वयं को पत्रकार या समाचार पोर्टल संचालक बताने वाले कुछ तथाकथित लोगों की गतिविधियां चिंता का विषय बन गई हैं। आम नागरिकों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को डरा-धमकाकर विज्ञापन या अन्य माध्यमों से अवैध वसूली करने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

प्रेस क्लब ने विशेष रूप से यह चिंता जताई है कि कुछ आपराधिक पृष्ठभूमि के लोग भी पोर्टल शुरू कर पत्रकारिता की आड़ में अपनी गतिविधियां चला रहे हैं। कुछ मामलों में ऐसे लोगों के खिलाफ थानों में आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसी प्रवृत्तियों से न केवल आम नागरिक और कारोबारी वर्ग प्रभावित हो रहा है, बल्कि जिम्मेदारी से कार्य कर रहे वास्तविक पत्रकारों की साख पर भी आंच आ रही है।

*कोरबा प्रेस क्लब द्वारा प्रस्तुत प्रमुख मांगें और सुझाव:*

 1.भयादोहन पर कार्रवाई: किसी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध समाचार प्रसारित करने की धमकी देकर विज्ञापन या आर्थिक लाभ मांगने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए तथा शिकायतकर्ताओं के लिए सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।

 2. प्रेस लिखे वाहनों की जांच: जिले में दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों पर ‘प्रेस’ लिखकर घूमने वाले व्यक्तियों और उनके वाहनों की जांच कराई जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इनका उपयोग वास्तविक पत्रकारिता के लिए हो रहा है या इसकी आड़ में अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

 3. फर्जी आईडी की जांच: कुछ संस्थाओं द्वारा निजी संबंधों या लाभ के उद्देश्य से फर्जी आईडी जारी किए जाने की आशंका की जांच की जाए और गलत दस्तावेज का उपयोग करने वालों पर कार्रवाई हो।

 4.भ्रामक एवं एकपक्षीय सामग्री पर कानूनी कार्रवाई: सोशल मीडिया पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर भ्रामक सूचना फैलाने या किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के मामलों में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 5. वास्तविक पत्रकारों के अधिकारों की सुरक्षा: किसी भी नियामक व्यवस्था को लागू करते समय वास्तविक डिजिटल पत्रकारों, स्वतंत्र पत्रकारों और समाचार संस्थानों के अधिकारों का संरक्षण किया जाए, तथा कार्रवाई का आधार किसी की आलोचनात्मक खबर के प्रति असहमति न होकर प्रमाणित गैरकानूनी गतिविधि होनी चाहिए।

कोरबा प्रेस क्लब ने मांग की है कि इन विषयों को गंभीरता से लेते हुए राज्य स्तर पर संबंधित विभागों, पुलिस प्रशासन और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर एक प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए।

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