दर्री क्षेत्र को मेरे कार्यकाल में मिली तहसील कार्यालय की सौगात : जयसिंह अग्रवाल


कांग्रेस प्रत्याशी जयसिंह अग्रवाल ने वार्ड क्र 45 के स्याहीमुड़ी में नुक्कड सभा को संबोधित, दर्री को मिली तहसील की सौगात, अब नहीं लगाना पड़ेगा कटघोरा का चक्कर, राजस्व मामलों का आसानी से हो रहा निपटारा

कोरबा। कांग्रेस के उम्मीदवार जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि दर्री क्षेत्र को मेरे कार्यकाल में तहसील कार्यालय की सौगात मिली हैं। अब राजस्व मामलो के लिए कटघोरा का चक्कर नहीं लगााना पड़ेगा। और आसानी से इसका निपटारा दर्री में ही हो रहा हैं। अपने चुनाव प्रचार के दौरान वार्ड क्र 45 के स्याहीमुड़ी में नुक्कड सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दर्री क्षेत्र के लोंगो की यह लम्बे समय से मांग रही हैं। जो अब पूर्ण हो चुकी हैं। दर्री क्षेत्र का विकास तेजी से करने के लिए अब एक नया विद्युत सयंत्र स्थापित होने वाला हैं। जिससे लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्हें व्यापक जनसमर्थन मिल रहा हैं। उनके पहुंचने के पहले ही लोग इकट्ठे हो जाते हैं। और उनके पहुंचते ही गर्मजोशी से स्वागत किया जाता हैं।
उन्होंने जनता के बीच अपने संबोधन में कहा कि लगातार 15 वर्षों से आपका आर्शीवाद, स्नेह व प्यार मुझे मिला हैं और आशा करता हूँ कि मुझे क्षेत्र की जनता फिर आर्शीवाद प्रदान करेगी। मेरे द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास किया गया हैं। और कुछ कमी रह गई हैं तो उसे भी चुनाव के बाद पूर्ण कर दिया जाएगा। दर्री क्षेत्र में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कम्पनी द्वारा प्रदेश का सबसे बड़ा 1320 मेगा वाट का विद्युत सयंत्र स्थापित होने वाला हैं। आधुनिकतम सयंत्र से प्रदूषण कम से कम होगा और इसका लागत लगभग 13 हजार करोड़ रुपये हैं। विद्युत सयंत्र के स्थापित होने से स्थानीय बेरोजगारों को योग्यता के अनुसार नौकरी मिलेगी और छोटे व्यापारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकार स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय लोगों को रोजगार देने में प्राथमिकता रखी हैं। जिसका लाभ आने वाले समय में कोरबा जिले के युवाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई झूठ बोलकर भ्रम फैलाने का प्रयास करता हैं तो उसकी बातों में नहीं आए। इस बात का ख्याल रखें कि कोरबा का विकास कांग्रेस शासनकाल में ही हुआ हैं। अन्य किसी दल की सरकार ने यह कार्य नहीं किया हैं। दर्री क्षेत्र के गली-मुहल्लें की सड़कों का कायाकल्प किया गया। स्लम बस्तियों में बिजली और पानी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।
श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य शासन द्वारा अवैध बस्तियों को भी कानून बनाकर वैध किया जा रहा हैं। गरीबों को पट्टा उनकी भूमि का प्रदान कर मालिकाना हक दिया हैं। यह पहली बार राज्य की कांग्रेस सरकार ने किया हैं। इसके पहले स्व. इंदिरा गांधी जब प्रधानमंत्री थी तो उनके द्वारा और उसके बाद अविभाजित मध्यप्रदेश में स्व. अर्जुन सिंह ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में प्रदान किए थे। श्री अग्रवाल ने बताया कि बिजली बिल 400 यूनिट तक राज्य सरकार ने आधा कर दिया हैं। जिसके कारण गरीबों पर बोझ कम हो गया हैं। जो विकास नहीं होने की बात करते हैं, उन्हें कोरबा शहर को राजनैतिक चश्में से नहीं देखना चाहिए बल्किा एक आम नागरिक के नजर से देखे तो शहर का विकास नजर आ जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग कांग्रेस एवं जयसिंह अग्रवाल के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।


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