पहले खुद बने खेलों में देश के गौरव, फिर इनके शागिर्दों ने भी अंतर्राष्ट्रीय बेसबॉल मैदानों में लहराया परचम


67वीं राष्ट्रीय शालेय स्पर्धा में पहुंचे अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों व कोच ने बढ़ाया हौसला, कहा- छग से हर साल निकलते हैं 2-3 क्रॉस कंट्री प्लेयर

एक ओर जहां मेजबान कोरबा के मैदान में आयोजित राष्ट्रीय शालेय स्पर्धा का शोर सुनाई दे रहा था, तो दूसरी ओर यहां आए खेल महारथियों ने अपनी मौजूदगी से खिलाड़ियों के जोश को दोगुना कर दिया। कई ऐसे अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी व कोच यहां पहुंचे थे, जिन्होंने खुद को कई बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया ही, इनके सिखाए अनगिनत शागिर्द भी अंतर्राष्ट्रीय मैदानों में अपने बेसबाल का जोश प्रदर्शित कर चुकेउ हैं। इन्हें अपने बीच पाकर देशभर स्कूलों से आए के खिलाड़ी न केवल उत्साहित-रोमांचित हुए, उनसे खेल की बारीकियों के साथ काफी कुछ सीखने का सुनहरा मौका भी पाया।

कोरबा(thevalleygraph.com)। ऊर्जानगरी कोरबा में आयोजित 67वें राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में जहां देशभर से आए खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों की मौजूदगी ने भी हिस्सा ले रहे प्रतिस्पर्धियों को उत्साहित किया। इनमें होनहार अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी अंजली खलखो, खेल गुरु अख्तर खान और भारतीय टीम को भी कोचिंग प्रदान कर रहे रविन्दर मलिक जैसी दिग्गज शख्सियतों ने भी इस आयोजन की शोभा बढ़ाई। इनकी मौजूदगी से न केवल खिलाड़ियों में उत्साह दिखाई दिया, उनसे काफी कुछ सीखने का भी अवसर मिल सका।

अंजली खलखो ने 12 नेशनल खेला, 3 बार अंतर्राष्ट्रीय मैदान में देश का प्रतिनिधित्व
बेस बॉल में 12 नेशनल खेल चुकी अंजली खलखो बलरामपुर की हैं औ यहां अधिकारी के रूप में शामिल हुर्इं। उन्होंने एसजीएफआई के 5 व ओपन में 7 नेशनल टूर्नामेंट खेले। अंजली ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तीन बार देश का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2016 में साउथ कोरिया में वर्ल्डकप बेस बॉल में भारत का प्रतिनिधत्व किया, जिसमें भारत का 11वें स्थान पर रहा। वर्ष 2019 में चीन एशिया कप चीन में भारत की ओर से महिला टीम की सदस्य रहीं। तब भारत ने 7वां स्थान प्राप्त किया। वर्ष 2023 को एशिया कप हांगकांग में शामिल रही और भारत को 6वां स्थान मिला। सुदूर आदिवासी क्षेत्र बलरामपुर से आई अंजली अब अपना पूरा ध्यान अगले अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए केन्द्रीत कर रहीं हैं। वर्तमान में रविशंकर यूनिवर्सिटी रायपुर में बीपीएड कर रही अंजली सुबह दो घंटा शारीरिक क्षमताव शाम को 2 घंटा पूरे किट के साथ खेल कौशल निखार रहीं हैं।

अंतर्राष्ट्रीय मैदानों में खेल चुके हैं खेल गुरु अख्तर खान के 13 शागिर्द
अख्तर खान बिलासपुर के खिलाड़ी रहे और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेस बॉल खेले हैं। ये वर्तमान में छत्तीसगढ़ उमावि बिलासपुर में स्पोर्ट्स टीचर हैं। इनके सिखाए 13 खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मैदानों में बेस बॉल खेल चुके हैं। इन्होंने पाकिस्तान में वेस्ट एशिया कप खेला। भारत में अच्छे मैदान व आधुनिक किट पर ध्यान देकर इस खेल में विशेषता प्राप्त की जा सकती है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 64 बच्चे शामिल हैं जिनमें से 20 बच्चे आदिवासी पृष्ठभूमि से आते हैं। बस्तर व सरगुजा के खिलाड़ियों का प्रदर्शन काफी सराहनीय है। छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा इन्हें शदीह पंकज विक्रम अवार्ड 2010 में प्राप्त हो चुका है।

रविन्दर मलिक ने वर्ष 2019 में देश को कांस्य दिलाने निभाई अहम भूमिका
दिल्ली से आए रविन्दर मलिक ने वर्तमान में भारतीय टीम को भी कोचिंग करते हैं। वर्ष 1998 से 2012 तक खिलाड़ी रहे और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी खेला। अपने अनुभव के बूते बड़ी मेहनत से अभ्यास कराकर उन्होंने भारत को वर्ष 2019 के वेस्ट एशिया कप में कांस्य पदक दिलाने अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के दो प्लेयर रिंकू सिंह और दिनेश पिट्सबर्ग पायरेट क्लब यूएस अमेरिका से खेल व्यवसायिक बेस बॉल में अपना नाम कमाया। उन्होंने कोरबा के बारे में कहा कि यहां के लोग अच्छे हैं। बहुत बढ़िया और बडेÞ बडेÞ मैदान हैं। अच्छे ढंग से कोचिंग और संगठनात्मक प्रयास किया जाए तो यहां से भी बहुत बच्चे अंतर्राष्ट्रीय स्तर बेस बॉल खेल सकते हैं। सार्वजनिक उपक्रमों से प्रोत्साहन मिल सकता है। भारत में जिस तरह इन्फ्रास्टक्चर व उपकरणों का विकास हो रहा, कैम्प आयोजित हो रहे, उसे देखते हुए भारत 2028 ओलंपिक में क्वालिफाई कर सकता है। छत्तीसगढ़ में बेसबॉल का भविष्य काफी अच्छा है, जहां से हर साल 2 से 3 खिलाड़ी अंतर्राष्टÑीय प्रदर्शन के लिए निकलते हैं।
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