कोरबा का कुरुक्षेत्र”…कांग्रेस-भाजपा के चुनावी चक्रव्यूह में उलझते-सुलझते बढ़ रहे उम्मीदवार, अपनी-अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगाए दिग्गज पहुंच रहे जनता के द्वार


लोकसभा चुनाव 2024:- कोरबा क्षेत्र क्रमांक 04

कोरबा के कुरुक्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की बिसात बिछ चुकी है। पार्टियों के उम्मीदवार हाथी-घोड़े की सवारी छोड़कर इन दिनों किसी धुरंधर योद्धा के किरदार में अपने कार्यकर्ताओं की पैदल सेना के साथ एक-एक बूथ नापते आगे बढ़ रहे हैं। खास बात यह है कि रायपुर से लेकर दिल्ली तक चर्चित कोरबा सीट पर दोनों ही दलों के बड़े दिग्गज राजनेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर है, जिन्होंने एक-दूसरे के प्रतिस्पर्धियों को शिकस्त के खाने में लाने चुनावी चक्रव्यूह रच रखा है। इनमें अपनी पारी में चुनाव मैदान के बाजीगर बन चुके कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन व श्यामबिहारी जायसवाल, विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत और विधायक भैयालाल राजवाड़े जैसे कद्दावर शख्सियतें मोर्चा संभाल रहे हैं। देखने वाली बात यह होगी कि इन माहिर रणनीतिकारों के एंबूश को ध्वस्त कर कौन सा खिलाड़ी रणविजय का शंखनाद करता है।

कोरबा(thevalleygraph.com)। राजनीति का खेल किसी रणभूमि की उस बिसात की तरह है, जहां प्रतिद्वंद्वी से द्वंद्व में कोई एक नहीं, बल्कि पूरी सेना ही युद्ध लड़ती है। फर्क सिर्फ ये है कि जंग में राजा सबसे आखिर और सुरक्षित घेरे में होता है पर चुनाव मैदान में पार्टी का ध्वज थामें सबसे आगे-आगे चलता दिखाई देता है। सामने वाले के भाव-भेद तलाशते उनके सेनापतियों, वजीरों और सिपहसालारों की टोली आगे-पीछे और बीच-बीच में नजर आती है, जिनके चेहरे पर मुस्कान और दिल में हर पल एक नए चक्रव्यूह की रचना होती रहती है। इस बार कोरबा लोकसभा की सीट पर कुछ ऐसे ही व्यूह की रचना में रमें कुशल राजनीतिज्ञों की भरमार दिख रही है। इनमें एक ओर कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती ज्योत्सना महंत के पास मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ और कोरबा सांसद से लेकर केंद्रीय मंत्री तक कांग्रेस के लिए हमेशा से बेशकीमती नगीना रहे डॉ चरणदास महंत के दशकों का अनुभव है, तो दूसरी ओर उन्हीं के कद के व्यक्तित्व माने जाने वाले भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रांड नेता, पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर सरीखे राजनेता भाजपा प्रत्याशी सुश्री सरोज पांडेय की ताकत बढ़ाने जुटे हैं। इनके आस-पास और साथ-साथ चल रहे दिग्गजों की लंबी फेहरिस्त है, जिनमें कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, श्यामबिहारी जायसवाल, भैयालाल राजवाड़े जैसे वह खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने हाल में हुए विधानसभा चुनाव-2023 में विजयपताका फहराकर छत्तीसगढ़ में फिर एक बार भाजपा की सत्ता कायम करने अद्वितीय भूमिका निभाई है।

“डॉ चरणदास महंत के दशकों का तजुर्बा ही ज्योत्सना की सबसे बड़ी ताकत है”
कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती ज्योत्सना महंत के लिए वजीर कहें या सेनापति, सबसे प्रथम की भूमिका में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ही नजर आते हैं। डॉ महंत के दशकों के तजुर्बे और वफादारों की विशाल सेना अपने आप में अभेद किले से कम नहीं, जिसकी ताकत के बूते श्रीमती महंत ने पिछले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को करारी शिकस्त झेलने विवश किया था। भले ही डॉ महंत वर्तमान में सक्ती विधानसभा में काबिज हैं, पर चाहे प्रदेश की कोई भी सीट हो, हर एक बूथ लेवल पर उनके समर्पित समर्थकों की फौज का आंकलन कर पाना आज भी मुश्किल होगा। मौजूदा मुकाबले में भी डॉ महंत अपने विश्वासपात्र सिपेहसालारों की लंबी श्रृंखला के बूते प्रतिस्पर्धी को घेरने पूरी ताकत से जुटे हुए हैं। कोरबा लोकसभा के रणक्षेत्र में श्रीमती ज्योत्सना महंत को शनैः-शनैः उस लक्ष्य की ओर ले जाने की कोशिश में हैं, जहां पहुंचकर कांग्रेस का झंडा बुलंद करने में देर नहीं लगेगी।

“लोस” में दोगुनी शक्ति से डटे “विस” में कोरबा-एमसीबी के बाजीगर रहे कैबिनेट मंत्री “लखनलाल -श्यामबिहारी”

विधानसभा चुनाव-2023 में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर अपनी पारी में कोरबा शहर के बाजीगर रहे श्रम-उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन इन दिनों दोगुनी शक्ति से डटे हुए हैं। भाजपा उम्मीदवार सुश्री सरोज पांडेय की जीत सुनिश्चित करने के इरादे के साथ भारतीय जनता पार्टी के इस बार 400 पार के लक्ष्य को हासिल करने की मुहिम लिए वे अपने समर्थकों के साथ मैदान में उतर गए हैं। आम दिनों में कार्यकर्ताओं से खचाखच भरा रहने वाला कोहड़िया वीरान नजर आता है, क्योंकि कैबिनेट मंत्री लखन के कार्यकर्ताओं की पूरी टीम राज्यसभा सांसद सुश्री पांडेय के समर्थन में प्रचार-प्रसार करने जुटी है। इधर कोरबा से कैबिनेट मंत्री लखन तो दूसरी ओर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल और बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े ने भी भाजपा प्रत्याशी सुश्री सरोज पांडेय के लिए अपनी पूरी ताकत झौंक दी है। इन दिग्गजों के मैदान में डट जाने से साफ होता है कि कोरबा लोकसभा की सीट फतह करने की इस होड़ में दिग्गज राजनीतिज्ञों की साख दांव पर लगी है, जिनकी कोशिशों का नतीजा एक-एक सीट के साथ देशस्तर की राजनीतिक परिस्थितियों को प्रभावित कर सकता है।

कोरबा विस की जीत में बीजेपी के सारथी रहे “विकास महतो सरीखे माहिर रणनीतिकार”
कोरबा लोकसभा चुनाव के लिए समन्वयक का दायित्व निभा रहे पूर्व गृहमंत्री व कद्दावर भाजपाई ननकीराम कंवर की तरह सीनियर मोस्ट नेता के साथ सरगुजा सांसद श्रीमती रेणुका सिंह भी विशेष भूमिका में हैं। पार्टी आला कमान ने सह समन्वयक की जिम्मेदारी राजनीति में यूथ आइकन विकास महतो और जोगेश लाम्बा को दी गई है। उल्लेखनीय होगा कि बीते एसेम्बली इलेक्शन में कोरबा विधानसभा की जीत के लिए भाजपा के सारथी रहे विकास महतो सरीखे माहिर रणनीतिकार अब लोकसभा चुनाव में भाजपा के विजयरथ को गति प्रदान करने अपनी ऊर्जा लगा रहे हैं। विकास महतो को भाजपा के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर पार्टी की सेवा का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में भाजपा प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे महतो प्रदेश कार्य समिति सदस्य व रायगढ़ जिले के सह प्रभारी का दायित्व भी संभाल चुके हैं। विकास महतो का तजुर्बा और युवा समर्थकों की विशाल टीम भाजपा प्रत्याशी के लिए कोरबा लोकसभा की छह विधानसभा सीटों पर प्रचार अभियान को तीव्रता प्रदान करने में अहम योगदान दे रही है।


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