June 21, 2024

आइडी के बगैर नहीं मिलेगी एंट्री, ट्रिपल लेयर सुरक्षा में होगी मतों की गिनती, बिना वजह बात का बतंगड़ बनाया तो बरती जाएगी सख्ती

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शुक्रवार को मतगणना के लिए रिटर्निंग, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर और मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कोरबा जिले की चार विधानसभा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विधानसभा, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर-सोनहत, मनेन्द्रगढ़ विधानसभा तथा कोरिया जिले के बैकुंठपुर विधानसभा के सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, रिटर्निंग, उप जिला निर्वाचन अधिकारी और जिलों के मास्टर ट्रेनर्स को मतगणना की बारीकियों से रू-ब-रू कराने प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत वसंत ने कहा कि मतगणना के दौरान निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए पारदर्शिता से मतगणना कराना है। मतगणना प्रारंभ होने से लेकर संपूर्ण रूप से समाप्ति तक मतगणना कक्ष में गंभीरता और सावधानी बरतनी है। मतगणना स्थल पर अनावश्यक विवाद उत्पन्न करने वालों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए मतगणना सुचारू रूप से संपन्न कराना है।

कोरबा(theValleygraph.com)। लोकसभा निर्वाचन 2024 के तहत कोरबा संसदीय क्षेत्र के लिए 04 जून को जिला मुख्यालय के आईटी कालेज में मतगणना होगी। जिले में मतगणना के लिए सभी आवश्यक तैयारियां प्रारंभ हो गई है। इसी कड़ी में आज यहां कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कोरबा जिले की चार विधानसभा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विधानसभा, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर-सोनहत, मनेन्द्रगढ़ विधानसभा तथा कोरिया जिले के बैकुंठपुर विधानसभा के सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, रिटर्निंग, उप जिला निर्वाचन अधिकारी और जिलों के मास्टर ट्रेनर्स को मतगणना की बारिकियों से रू-ब-रू कराने प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस दौरान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अजीत वसंत ने कहा कि मतगणना के दौरान निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए पारदर्शिता से मतगणना कराना है। मतगणना प्रारंभ होने से लेकर संपूर्ण रूप से समाप्ति तक मतगणना कक्ष में गंभीरता और सावधानी बरतनी है। मतगणना स्थल पर अनावश्यक विवाद उत्पन्न करने वालों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए मतगणना सुचारू रूप से संपन्न कराना है। उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल सभी अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने तथा अपनी शंकाओं को मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से समाधान करने निर्देशित किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ संबित मिश्रा भी उपस्थित थे।
प्रशिक्षण में नेशनल लेबल मास्टर ट्रेनर श्री पुलक भट्टाचार्य और श्रीकांत वर्मा, जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर डॉ एमएम जोशी और प्रोग्रामर शीतल अग्रवाल ने मतगणना के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, वीवीपैट से वोटो की गिनती, सारणीकरण व उसकी डेटा एन्ट्री, मतगणना के लिए प्रशासनिक व सुरक्षा व्यवस्था, गणनाकर्मी और गणना अभिकर्ता की नियुक्ति, डाक मतपत्रों की गणना, प्रमुख वैधानिक प्रावधान, मतगणना केन्द्रों में आधारभूत संरचना की व्यवस्था, परिणामों की घोषणा और अनुगामी कार्यवाही तथा मतगणना पूरी होने के बाद ईवीएम और निर्वाचन सामग्रियों को सील करने के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
मास्टर ट्रेनर्स ने बताया कि मतगणना केन्द्र में मतगणना कार्य में नियुक्त गणना सुपरवाईजर एवं गणना सहायक, आयोग द्वारा अधिकृत व्यक्ति, निर्वाचन ड्यूटी में लगाए गए सरकारी अधिकारी-कर्मचारी, अभ्यर्थी, उनके मतदान अभिकर्ता एवं गणना अभिकर्ता जारी प्रवेश पत्र के साथ ही प्रवेश कर सकेंगे। प्रत्याशी एक टेबल के लिए एक मतगणना एजेंट सहित ईटीपीवीएस तथा पोस्टल वैलेट गणना हेतु एक-एक एजेंट नियुक्त कर सकेंगे। मतगणना एजेंट मतगणना कक्ष में अपनी निर्धारित सीट पर भी बैठ सकेंगे। उन्हें मतगणना कक्ष में टेबल/सीट बदलने की अनुमति नहीं होगी। मतगणना कक्ष में प्रत्याशी स्वयं मतगणना कक्षों में प्रवेश कर सकेंगे।
मतगणना में तैनात किए जाने वाले मतगणना सुपरवाइजर, मतगणना सहायक और माइक्रो आब्जर्वरों का भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक की उपस्थिति में मतगणना के 24 घण्टें पहले विधानसभावार रेण्डमाईजेशन किया जाएगा और मतगणना के दिन सुबह 5 बजे टेबल का आबंटन किया जाएगा। सभी गतिविधियों की अनिवार्य रूप से वीडियोग्राफी करायी जाएगी। सुबह 7 बजे तक सभी गणना कर्ता अपने टेबल पर बैठ जाएंगे।

प्रत्येक हॉल में ईवीएम से मतों की गणना के लिए लगाए जाएंगे 14-14 टेबल
इस दौरान मतगणना हाल में वीवीपीएटी काउंटिंग बूथ के माध्यम से होने वाली गणना को मॉडल के जरिए प्रदर्शित भी किया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि प्रत्येक हॉल में ईवीएम से मतों की गणना के लिए 14-14 टेबल लगायी जाएंगी। मतगणना सुबह 8 बजे से प्रारंभ हो जाएगी । प्रशिक्षण में मतगणना केन्द्रों में दूरसंचार, इंटरनेट, विद्युत, जनरेटर, पेयजल व्यवस्था, परिणामों की घोषणा के लिए लाउड स्पीकर, आपात चिकित्सा व्यवस्था, अग्निशमन यंत्र तथा कानून व्यवस्था आदि के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया।

पुलिसकर्मी भी मतगणना कक्ष तक नहीं जा सकेंगे
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार पुलिस के अधिकारी कर्मचारी मतगणना कक्ष तक नहीं जा सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस अधिकारी या कर्मचारी या सुरक्षा में लगे बल को रिटर्निंग आफिसर के बुलाने पर ही मतगणना कक्ष में प्रवेश की अनुमति होगी। मंत्री, राज्य मंत्री, मंत्री का दर्जा प्राप्त अध्यक्ष, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर निगम के पदाधिकारी, नगर पंचायतों के पदाधिकारी सहित सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति मतगणना एजेंट के रूप में नियुक्त नहीं हो सकेंगे। हर विधानसभा के पांच मतदान केंद्रों का रेण्डम आधार पर चयन कर उसकी वीवीपैट मशीन की पर्चियों की गणना अनिवार्य रूप से की जायेगी। मतगणना स्थल पर नियुक्त कर्मचारियों को अलग अलग रंगों के पास दिये जायेंगे ताकि संबंधित कर्मचारी अपने डयूटी वाले निर्धारित स्थल पर रहे।
प्रत्याशी, मतगणना एजेंट, मतगणना कर्मी सहित किसी भी अधिकारी या कर्मचारी या मीडिया प्रतिनिधि के लिए मतगणना कक्ष में मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। आयोग द्वारा प्रदत्त प्राधिकार पत्रधारी मीडिया प्रतिनिधियों के लिए मतगणना केन्द्र में एक मीडिया सेंटर भी होगा। जहां पर इंटरनेट सुविधा सहित मोबाइल रखने की व्यवस्था रहेगी। मतगणना केन्द्र के बाहर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था होगी। 100 मीटर की परिधि में वाहन ले जाने की अनुमति किसी को नहीं होगी। मतगणना प्रक्रिया के दौरान स्ट्रांगरूम खोलने तथा ईवीएम को मतगणना कक्ष तक ले जाने के दौरान वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके अलावा सीसी टीवी से भी नजर रखी जाएगी। बिना परिचय पत्र किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।


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