April 25, 2024

कोरबा ने लक्ष्य से बढ़कर बनाया धान खरीदी का कीर्तिमान, अब शून्य शॉर्टेज के साथ पूर्ण किया गया शत-प्रतिशत परिदान

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इस बार कोरबा जिले में जहां लक्ष्य से बढ़कर धान खरीदी की गई, शुक्रवार को शून्य शॉर्टेज के साथ शत-प्रतिशत परिदान भी पूर्ण कर लिया गया है। जिले की 41 सहकारी समितियों के 65 उपार्जन केंद्रों से धान का पूर्ण उठाव कर लिया गया है, जिससे विभाग में हर्ष की लहर है। दूसरी ओर धान का उठाव हो जाने से खाली पड़ी गोदाम की जगह में अब खाद-बीज के भंडारण में सुविधा होगी।

कोरबा(thevalleygraph.com)। जिले के सभी 41 सहकारी समितियों के 65 उपार्जन केंद्रों में जीरो शॉर्टेज के साथ शत प्रतिशत धान का उठाव पूर्ण हो गया है। इस बार जिले में 25 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया था। दिए गए लक्ष्य से 3.67 लाख क्विंटल धान की अधिक खरीदी की गई और धान खरीदी के बाद अब उठाव का भी रिकार्ड टूट गया है। केंद्रों से धान का उठाव हो जाने के बाद अब गोदाम खाली हो गए हैं। इसकी वजह से अब ग्रीष्म के लिए खाद और बीज के भंडारण में सहूयित होगी। इस बार धान खरीदी के दौरान बेमौसम वर्षा नहीं हुई, पर खरीदी कार्य पूर्ण होने के बाद अचानक बिगड़े मौसम के चलते समितियों को थोड़ी समस्याओं का सामना जरुर करना पड़ा। खरीफ वर्ष 2023-24 के लिए शासन ने जिले को 25 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य दिया था। 65 उपार्जन केंद्रों में लक्ष्य से 3.67 लाख क्विंटल की अधिक खरीदी हुई है। धान की वाजिब कीमत मिलने से बोआई रकबा में बढ़ोतरी हुई है। धान परिवहन में आई तेजी का सीधा लाभ अब खाद और बीज के भंडारण में मिलेगा। समय पर धान नहीं उठने के कारण समिति प्रबंधक डीओ जारी होने के इंतजार में ही उलझे रहते थे। गोदाम खाली होने पर ही खेती के लिए उपयोगी सामानों का भंडारण होता था। उठाव पूरा होने के बाद अब केंद्रों में प्रबंधकों ने खाद बीज भंडारण की तैयारी शुरू कर दी है। हर बार की तरह इस बार भी केंद्रों में शॉर्टेज की स्थिति शून्य है।

जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी सुशील जोशी ने बताया कि जिला कलेक्टर अजीत वसंत, सीईओ मुख्यालय बिलासपुर, डीआरसीएस के कुशल मार्गदर्शन में कोरबा में धान उपार्जन वर्ष 2023-24 अंतर्गत 41 सहकारी समितियों के 65 उपार्जन केंद्रों में शत-प्रतिशत परिदान पूर्ण कर लिया गया है। प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी शून्य शॉर्टेज के साथ शत-प्रतिशत परिदान पूर्ण हुआ। इस सफलता में डीआरसीएस, एफओ, डीएमओ, नोडल कार्यालय, मार्कफेड प्रोग्रामर मुकेश, अजय व समस्त शाखा प्रबंधक, पर्यवेक्षकों, ब्लाक स्तरीय व समिति स्तरीय अधिकारी-कर्मचारियों के साथ टीम कोरबा के समिति प्रबंधक, कंप्यूटर आपरेटर्स व पर्यवेक्षकों का संयुक्त सहयोग महत्वपूर्ण रहा।



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