इनके दिलों में गजब का जज्बा और दम ऐसा, कि ताइक्वांडों की रिंग में लड़कों पर भारी पड़ जाएं हमारी फाइटर गर्ल्स


राष्ट्रीय बालिका दिवस, ताइक्वांडो में स्टेट चैंपियनशिप पर किया कब्जा, अब नेशनल रिंग में छग का प्रतिनिधित्व को तैयार

संकट आ जाए तो खुद को मुश्किलों से बचाने का हुनर आज के दौर में हर किसी के लिए जरूरी है। ताइक्वांडो की विधा, आत्मरक्षा के इसी हुनर को प्रोत्साहित करती है। पर यहां जिन फाइटर गर्ल्स की बात हो रही है, वे इस कदर माहिर हैं, कि जरूरत पड़ने पर बदमाशों के लिए ही संकट बन जाएं और उन्हें दुम दबाकर भागने को विवश कर दें। छोटी सी उम्र में कई ने तो ब्लैक बैल्ट का तमगा तक हासिल कर रखा। इन्हें ताइक्वांडों की रिंग में उतार दिया जाए, तो लड़कों को चुटकियों में धूल चटाने का फन बखूबी जानती हैं।

कोरबा(thevalleygraph.com)। अदिती, माही, करिश्मा और आर्ना, ये उन प्रतिभावान और दमदार बालिकाओं के नाम हैं, जिन्होंने हाल ही में अपने-अपने आयु वर्ग की स्टेट चैंपियनशिप पर कब्जा कर रखा है। ताइक्वांडो फेडरेशन आॅफ इंडिया के ज्वाइंट सेक्रेटरी व छत्तीसगढ़ ताइक्वांडो संघ के जनरल सेक्रेटरी अनिल द्विवेदी ने कहा कि माता-पिता को चाहिए कि अपनी बेटियों को स्वयंसक्षम बनाने की ताइक्वांडो संघ के इस मिशन में भागीदार बनें। वर्तमान में यह बालिकाएं छत्तीसगढ़ ताइक्वांडो एसोसिएशन की मदद से दस दिवसीय अभ्यास शिविर में अगले पड़ाव यानि ताइक्वांडो की नेशनल चैंपियनशिप फतह करने कड़ी मेहनत कर रही हैं। एचटीपीपी पश्चिम में आयोजित किए जा रहे इस शिविर के माध्यम से क्योरगी में 28 व पूमसे के 10 बच्चों समेत ताइक्वांडो के कुल 38 स्टेट चैंपियन को राष्टÑीय पदक जीतने तैयार किया जा रहा है। इन्हीं में शामिल यह बालिकाएं अपने हुनर में निखार लाने कठिन परिश्रम कर रहीं हैं। ताइक्वांडो के माहिर व अनुभवी कोच लोकेश राठौर और लीला यादव इन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं, ताकि स्टेट चैंपियनशिप में उम्दा प्रदर्शन करने वाले यह खिलाड़ी नेशनल में गोल्ड मेडल जीतने का दम दिखा सकें।

4 बार की स्टेट चैंपियन है अदिति, लक्ष्य ओलंपिक

बात करें कक्षा नवमीं में पढ़ रही अदिति राय की, तो उसने ब्लैक बेल्ट का तमगा हासिल किया है। यह होनहार खिलाड़ी चार बार की स्टेट चैंपियन बन गोल्ड मेडल पर कब्जा कर चुकी है। तीन बार वह नेशनल में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुकी है और एक बार फिर वह नेशनल में अपना दम दिखाने को तैयार है। उसने बताया कि ओलंपिक में भारत के लिए मेडल जीतना ही उसका लक्ष्य है, जिसके लिए कड़ी मेहनत कर रही।

माही-आर्ना, इतनी सी उम्र में बड़े मुकाम की तलाश
आठवीं कक्षा में पढ़ रही माही साहू भी स्टेट में कई बार अपने जिले व संभाग का प्रतिनिधित्व कर चुके है। उसने इस बार अपने वर्ग में स्टेट चैंपियनशिप पर कब्जा किया और अब वह भी नेशनल की तैयारी कर रही है। इसी तरह नन्हीं खिलाड़ी आर्ना पाहवा महज तीसरी कक्षा में पढ़ रही है और खास बात यह रही कि उसने भी दो बार स्टेट चैंपियन का खिताब हासिल करते हुए दो बार की गोल्ड विजेता है। छोटी सी आयु में उसने भी अपने लिए बड़ा लक्ष्य हासिल करने का जज्बा मन में संजो रखा है।
ब्लैक बेल्ट करिश्मा ने 3 बार स्टेट जीता, 23 नेशनल खेला
कक्षा 11वीं में पढ़ रही करिश्मा चौधरी के नाम अपने ताइक्वांडो करियर में तीन बार स्टेट चैंपियनशिप जीतने का खिताब हासिल है। वह दो बार नेशनल खेल चुकी है और तीसरे की तैयारी कर रही है। स्टेट में 3 बार की स्वर्ण पदक विजेता यह खिलाड़ी भी ब्लैक बेल्ट से लैस है, जो ओलंपिक में देश का मान बढ़ाने का जज्बा रखती है।


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